दस रोज पहले कानपुर में हुए दुखद हादसे में हंडिया के अविनाश का परिवार खत्म हो गया। हंडिया से मुंबई जाते वक्त आधी रात ट्रक से टकराने के बाद लगी आग में अविनाश की पत्नी-बच्चों और चचेरे भाई समेत पांच लोगों की जलकर मौत हो गई थी। गंभीर रूप से जले अविनाश को कानपुर से लाकर यहां निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था जहां शुक्रवार को उसने भी दम तोड़ा तो परिवार के लोगों का गम और बढ़ गया।
मूल रूप से हंडिया में चंदनहा गांव निवासी अविनाश पांडेय अपने छोटे भाई गोविंद के साथ मुंबई में रहकर ट्रैवेल एजेंसी का संचालन करता था। वह अपने ही परिवार के पूर्व ब्लाक प्रमुख हंडिया दीनानाथ पांडेय के पुत्र अरुण कुमार को ग्राम प्रधान के चुनाव में वोट देने के लिए भाई और पत्नी-बच्चों के साथ पांच दिसंबर को यहां पैतृक गांव आ गया था। मतदान के बाद भाई गोविंद तो ट्रेन से चला गया था जबकि अविनाश 14 दिसंबर की रात निजी कार में पत्नी मीना उर्फ रिंकी (26), पुत्र आयुष (6), बेटी आरूषि (4), चचेरे भाई सूरज पांडेय उर्फ राहुल (22), चचेरे भतीजे शिवम पांडेय (20) के साथ मुंबई के लिए रवाना हुआ था।
रात करीब दो बजे उसकी कार कानपुर देहात के रनियां इलाके में अचानक मुड़े ट्रक के फ्यूल टैंक से जा भिड़ी। लपटों से घिरी कार में अविनाश गंभीर रूप से जलकर भी बच गया जबकि उसकी पत्नी-बच्चों समेत पांच लोगों की जलकर मौत हो गई थी। अविनाश को कानपुर के अस्पताल में इलाज के बाद यहां निजी हॉस्पिटल में लाकर भर्ती किया गया था। वहां अविनाश ने भी दम तोड़ दिया। पांच लोगों के निधन से गम में डूबे पांडेय खानदान को अविनाश की भी मौत से फिर आघात पहुंचा है। उसका भाई गोविंद तो रोकर बेहाल है। इतनी दुखद घटना में हंडिया का कोई जनप्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी तक इस पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताने तक नहीं पहुंचा।