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खाक चौक की जमीन पर माधवदास ने गिराया सामान

Fri, 25 Dec 2015 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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 खाक चौक की जमीन कौन बांटेगा, इसको लेकर नया बखेड़ा शुरू हो गया है। प्रशासनिक लापरवाही किसी भी वक्त बवाल की वजह बन सकती है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने तक जमीन पर कोई समान नहीं गिराया जाएगा, मेला प्रशासन के इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए खाक चौक के प्रतिनिधि माधव दास ने शुक्रवार शाम खाक चौक के लिए चिह्नित जमीन पर सामान गिरा दिया और तंबू भी लगा दिया। सूचना पर रात में प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और कुछ देर बार खाली हाथ लौट भी गए। माधव दास का दावा है कि वह अब भी खौक चौक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष हैं जबकि दूसरा गुट अपने स्तर से नई कार्यकारिणी का गठन कर माधवदास को समिति से बाहर कर चुका है।
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दूसरे गुट का नेतृत्व संतोष दास (सतुआ बाबा) कर रहे हैं। नई कार्यकारणी उन्हीं के नेतृत्व में बनाई गई है और सतुआ बाबा उसके महामंत्री हैं। कार्यकारिणी पर कब्जे को लेकर सतुआ बाबा और माधवदास आमने-सामने आ गए हैं। सतुआ बाबा को खबर मिली कि माधवदास कई साधु-संतों के साथ शुक्रवार शाम वृंदावन से इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। बतौर महामंत्री शुक्रवार को सतुआ बाबा ने प्रभारी मेला अधिकारी हरिओम शर्मा, एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता, पूर्व एडीएम सिटी एसके शर्मा और सीओ नीति द्विवेदी के साथ बैठक की।

इस दौरान उनके गुट की ओर से दर्जनों साधु-संत मौजूद थे। सतुआ बाबा ने आशंका जताई कि माधवदास भूमि आवंटन से पहले ही खाक चौक की जमीन पर कब्जा करने की फिराक में हैं। आरोप लगाया कि माधवदास प्रशासन से जमीन लेकर अपने हिसाब से बांटते हैं। उन्हीं की वजह से खाक चौक का व्यवसायीकरण होता जा रहा है जबकि यह साधु-संतों की संस्था है। उन्होंने मांग की कि खाक चौक के किसी प्रतिनिधि के नेतृत्व में भूमि आवंटन के बजाय मेला प्रशासन सीधे जमीन बांटे। इस पर सहमति बनी और पूर्व के नियमों केे मुताबिक तय हुआ की खाक चौक के साधु-संतों को भूमि आवंटन सीधे मेला प्रशासन करेगा।
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हालांकि मेला प्रशासन का आदेश उस वक्त हवा हो गया, जब माधवदास कई साधु-संतों के साथ ट्रक पर सामान लादकर शाम छह बजे मेला क्षेत्र में पहुंचे और भूमि आवंटन से पहले खाक चौक के लिए चिह्नित जमीन पर सामान गिरा दिया। कुछ ही देर में वहां कुछ टेंट भी लगा दिए गए। माधवदास का कहना है कि उन्हें किसी भी नए आदेश के बार में कोई सूचना नहीं दी गई थी। वैसे भी साधु-संतों को लेकर कहां जाते। प्रशासन के फैसले पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं। जमीन प्रशासन ही बांटे, बशर्ते आवंटन के दौरान वहां खाक चौक का कोई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 उधर, प्रभारी अधिकारी हरिओम शर्मा का कहना है कि भूमि आवंटन से पहले किसी को भी जमीन पर सामान नहीं रखने दिया जाएगा। शाम को मेला प्रशासन और पुलिस के कई अफसर मौके पर पहुंचे। माधवदास को वहां से जाने के लिए कहा लेकिन वह हटने को तैयार नहीं हुए। अफसर यह कहकर खाली हाथ लौट गए कि जमीन आवंटन होने तक वहां किसी का तंबू-कनात नहीं लगना चाहिए।
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