धूमनगंज इलाके के मरियाडीह गांव में तीन महीने पहले हुए दोहरे हत्याकांड में नामजद सात आरोपियों की गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस अब अदालत के आदेश पर कुर्की कर रही है। बुधवार को उमरी गांव में दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों के मकानों के ताले तोड़कर पुलिस ने सारे सामान जब्त कर वहां सील लगा दिया। पुलिस बृहस्पतिवार को इस घटना के दूसरे नामजद अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है।
मरियाडीह गांव में 25 सितंबर की रात प्रधान आबिद को लक्ष्य बनाकर फारच्यूनर पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में उनकी चचेरी बहन अल्कमा और ड्राइवर सुरजीत पटेल की मौत हो गई थी। आबिद ने आरोप लगाया कि दुश्मनों ने उन्हें मारने के लिए हमला किया था मगर वह कुछ मिनट पहले गाड़ी से उतर गए थे। इस डबल मर्डर में उमरी गांव में रहनेवाले सगे भाइयों साबिर, वसी अहमद और उनके पड़ोसी मकसूद अहमद, बेली गांव के कम्मू-जाबिर, मीरापट्टी के इंतेखाब आलम और तौसीफ के खिलाफ एफआईआर लिखी गई थी।
तीन महीने गुजर गए लेकिन पुलिस एक भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी। कुछ समय पहले पहले कोर्ट से कुर्की की उद्घोषणा जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा कर डुगडुगी पीटकर मुनादी की थी। दो दिन पहले कोर्ट से आरोपियों की संपत्ति कुर्की का भी आदेश जारी हुआ। बुधवार दोपहर धूमनगंज इंस्पेक्टर एमएस देव बमरौली चौकी प्रभारी आनंद पांडेय के साथ उमरी गांव पहुंचे। वहां दोहरे कत्ल के तीनों आरोपियों साबिर, वसी और मकसूद के घरों पर ताला लगा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के घरों के ताले तोड़कर वहां रखे सारे सामान जब्त कर लिए। हालांकि तीनों मकान में कुछ खास नहीं था। सभी फरार आरोपियों ने अपने-अपने घरों से ज्यादातर सामान पहले ही हटा लिए हैं। इस घटना में धूमनगंज पुलिस की नाकामी उजागर हो चुकी है।