औद्योगिक क्षेत्र के पिपरांव में हुए दोहरे कत्ल की घटना में पुलिस दोनों मृतकों विजय तिवारी और संतोष सिंह उर्फ संतू के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की जा रही है ताकि पता चले कि घटनाक्रम से पहले उनकी किन लोगों से बात हुई थी। इस हत्याकांड में नामजद चाका का पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा समेत सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस छापेमारी कर रही है मगर कोई पकड़ में नहीं आ सका है। मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने प्रधान की स्कार्पियो में चार लोगों को पकड़ा जिनसे देर रात तक पुलिस पूछताछ कर रही थी।
चटकहना गांव के नवनिर्वाचित प्रधान विजय तिवारी शनिवार को शपथ लेने के बाद पिपरांव में विवादित प्लाट पर गए थे जहां प्रापर्टी डीलर संतोष उर्फ संतू से कहासुनी के बाद फायरिंग होने लगी। फायरिंग में उन दोनों के साथ ही विकास तिवारी को भी गोली लगी। संतोष और विजय तिवारी की मौत हो गई। समर्थकों ने भारी बवाल किया। इस घटना में दोनों तरफ से नामजद केस दर्ज कराया गया। विजय तिवारी की हत्या में पूर्व ब्लाक प्रमुख चाका दिलीप मिश्रा और उसके करीबी गुड्डू मिश्रा को भी नामजद किया गया है। दिलीप समेत सभी आरोपी घटना के बाद से भागे हुए हैं। पुलिस ने छापेमारी की लेकिन कोई भी अब तक गिरफ्त में नहीं आया है।
इस बीच, मंगलवार को पुलिस ने डीपीएस के पास एक स्कार्पियो में चार लोगों को पकड़ा है। पता चला है कि वे मारे गए प्रधान विजय तिवारी के करीबी हैं जिन्हें संतोष उर्फ संतू की हत्या में नामजद किया गया है। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र ने कहा कि अभी पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस घटना में जांच कर रही है कि फायरिंग में किसी चौथे शख्स को भी गोली लगी थी। घटना के तीन रोज बाद मंगलवार को इलाके में माहौल कुछ सामान्य होने पर दुकानें खुलीं मगर लोगों में गैंगवार के डर से घबराहट बनी है।