यमुनापार में औद्योगिक क्षेत्र के पिपरांव गांव में दो पक्षों के बीच रविवार शाम कहासुनी के बाद अधांधुंध फायरिंग होने लगी। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में चटकाना गांव के प्रधान विजय कुमार तिवारी (35) और दूसरे पक्ष से संतोष सिंह उर्फ संतू सिंह (40) की गोली लगने से मौत हो गई। फायरिंग में प्रधान का चचेरा भाई विकास उर्फ गांधी भी गंभीर रूप से घायल है। घटना से इलाके में खलबली मच गई। विजय तिवारी और उनके भाई को लेकर समर्थक अस्पताल भागे।
घटना की सूचना पाकर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची संतोष सिंह का शव थाने लाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इससे नाराज लोगों रामपुर चौराहे पर बवाल शुरू कर दिया। चौराहे पर चक्काजाम कर आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया। उधर अस्पताल में विजय को मृत घोषित करने के बाद परिजन शव लेकर अस्पताल से जाने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा। इसक ो लेकर पुलिस से समर्थकों धक्कामुक्की हुई। समर्थक विजय का शव लेकर गांव पहुंचे और चक्काजाम कर बवाल काटा। आईजी, डीआईजी,एसएसपी समेत कई थानों की पुलिस और आरएएफ के पहुंचने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर बवाल कर रहे लोगों को खदेड़ा तब जाकर माहौल शांत हुआ। पुलिस ने विजय के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
औद्योगिक क्षेत्र के चटकाना खुर्द गांव का रहने वाला विजय कुमार तिवारी डेरी चौराहे पर मकान बनाकर परिवार समेत रहता था। वह इस बार चटकाना गांव से प्रधान चुना गया था। रविवार दोपहर वह अपने समर्थकों और निजी गार्ड के साथ चाका ब्लॉक पर शपथ लेने गया था। शपथ लेने के बाद वह उसके पास किसी का फोन आया। फोन पर बात के बाद वह पिपरांव चौराहे पर पहुंचा। वहां वह पिपरांव गांव के सिक्योरिटी एजेंसी संचालक और प्रापर्टी डीलर संतोष सिंह उर्फ संतू सिंह से बात करने लगा। बातचीत के दौरान किसी बात पर उनके बीच कहासुनी हुई और फायरिंग होने लगी। एक फायर होते ही दोनों तरफ से अंधाधुंध गोलियां बरसने लगी।
गोलीबारी से इलाके में खलबली मच गई। एक तरफ से विजय तिवारी और विकास तिवारी घायल होकर गिरे तो दूसरी तरफ से संतोष सिंह को गोली लगी। यह देखकर विजय के समर्थक विजय और विकास को गाड़ी में लेकर अस्पताल भागे। जबकि संतोष सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस पहुंची। पुलिस संतोष के शव कब्जे में लेकर थाने से पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। संतोष के मौत की खबर आक्रोशित गांव के लोग थाने पहुंचे। वहां शव न देखकर लोग भड़क गए। हंगामा करते हुए रामपुर चौराहे पर आ गए। भीड़ ने पथराव और आगजनी शुरू कर दी। एक बाइक को आग के हवाले कर दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव किया गया। घटना से इलाके में सन्नाटा पसर गया। चौराहे की दुकानों के शटर गिर गए। नाराज लोगों ने रामपुर चौराहे पर चक्काजाम कर जमकर बवाल काटा।
उधर विजय तिवारी को रामबाग के निजी अस्पताल में मृत घोषित करने के बाद समर्थक पुलिस से झड़प के बाद शव लेकर गांव आ गए। डेरी चौराहे के पास शव रखकर चक्काजाम किया और जमकर बवाल काटा। बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी की खबर पाकर आईजी बीबी शर्मा, डीआईजी भगवान स्वरूप, एसएसपी केएस इमेनुएल, एसपी गंगापार आशुतोष मिश्र कई थानों की फोर्स और आरएएफ के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा तो नाराज लोगों ने पथराव किया। किसी तरह पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा। तब जाकर माहौल शांत हुआ। तनाव के हालात को देखते हुए विजय और संतोष के घर के पास भारी पुलिस बल तैनात है। विवाद के पीछे जमीन के झगड़े की बात सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर का इंतजार कर रही है।