नैनी जेल से बंदियों को पेशी पर लाने और ले जाने के दौरान अक्सर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है। शुक्रवार शाम को नैनी जेल के गेट पर प्रिजन वैन में बंदी के मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश से एक बार फिर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आ गई। घटना की जानकारी होते ही एसएसपी केएस इमैनुएल ने सुरक्षा में लगे दरोगा राजेंद्र त्रिपाठी, एचसीपी और सात सिपाहियों को सस्पेंड कर मामले की जांच सीओ करछना को सौंपी है।
बंदियों को प्रिजन वैन से कडे़ सुरक्षा घेरे में अदालत लाया जाता है। ऐसे में बंदी के पास मिट्टी का तेल और माचिस कहां से पहुंची। यह बड़ा सवाल है। बंदी रमाकांत त्रिपाठी के पास मिट्टी का तेल और माचिस था। वह अपने पास छिपाए रहा। सुरक्षा लगे पुलिसकर्मियों को हवा तक नहीं लगी। घटना की जानकारी होते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
एसएसपी ने तत्काल सुरक्षा में लगे दरोगा राजेंद्र त्रिपाठी, एचसीपी शाहिद मोहम्मद, सिपाही शिव ओम, गुलाब चंद समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इससे पहले अप्रैल 2013 में नैनी जेल से अदालत लाते समय प्रिजन वैन का ताला काटकर दस बंदी बालसन चौराहे के पास से फरार हो गए थे। इस मामले में फरार तीन बंदियों को पुलिस अब तक नहीं गिरफ्तार कर पाई है। बंदियों को पेशी पर लाने के दौरान अक्सर पुलिस वाले लालच में सुरक्षा में लापरवाही बरतते हैं।