प्रयाग रेलवे स्टेशन के इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर अंशुमान सिंह सोमवार शाम घर से सैलून के लिए निकलने के बाद से लापता है। खोजबीन के बाद उनके भाई ने रेलवे इलेक्ट्रिक विभाग के दूसरे इंजीनियर और कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए कर्नलगंज थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाकर लापता इंजीनियर को खोज रही है।
इंजीनियर अंशुमान सिंह (38) पत्नी अंजू सिंह और इकलौते पुत्र रेखांशुज के साथ सलोरी की काटजू बाग कॉलोनी में रहते हैं। वह तीन भाइयों में बड़े हैँ। परिजनों के मुताबिक अंशुमान सोमवार शाम करीब छह बजे घर से यह बताकर निकले थे कि बाल कटाने सैलून तक जा रहे हैं। वह आठ बजे तक नहीं लौटे तो उनके मोबाइल पर फोन किया गया मगर वह स्विच ऑफ बता रहा था। जब वह देर रात तक नहीं लौटे तो परिवार के लोग घबरा गए। छोटे भाई अभिषेक समेत रिश्तेदारों ने खोजबीन शुरू की मगर कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार को कर्नलगंज थाने में अपहरण का शक जताते हुए प्रयाग रेलवे स्टेशन के इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट के ही दूसरे सीनियर सेक्शन इंजीनियर राजेश मिश्रा और कार्यालय अधीक्षक कैलाशनाथ शर्मा के खिलाफ तहरीर दी तो अपहरण का केस लिखा गया। भाई अभिषेक के मुताबिक, अंशुमान दो साल पहले उन्नाव से स्थानांतरित होकर यहां आए थे। तब से उनकी इंजीनियर राजेश मिश्रा से पटरी नहीं बैठ सकी थी। बाद में अंशुमान को चार्ज दे दिया गया तो अदावत और बढ़ गई। उन्हें कई बार फोन पर और रास्ते में रोककर धमकी दी गई थी। एक बार घर आते समय रास्ते में रोककर उन्हें पीटा गया और धमकी दी गई कि यहां से तबादला कराकर चले जाओ। विभागीय सूत्रों ने बताया कि 27 नवंबर को जीएम के दौरे में लापरवाही के आरोप में अंशुमान को निलंबित कर दिया गया था। तब से वह परेशान थे और काम प नहीं आ रहे थे। पुलिस छानबीन कर रही है।