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अनहोनी से परिवार में मच गया हाहाकार

Wed, 16 Dec 2015 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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 कानपुर देहात से मंगलवार भोर में चंदनहा गांव के पांडेय परिवार में आई एक फोन कॉल से हाहाकार मच गया। पुलिस से कार हादसे की सूचना पाकर परिवार के लोग आनन-फानन में निजी गाड़ियों से कानपुर के लिए रवाना हो गए। मृतकों के माता-पिता और भाई-बहन समेत परिजन रोने-कलपने लगे। सुबह तक में यह खबर फैली तो रिश्तेदार और आसपास के गांव के लोग पीड़ित परिवार के घर पर जमा हो गए। गांव में विलाप गूंजता रहा। जिसने भी इस दिल दहलाने वाली दुर्घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया। पीड़ित परिवार के लोग भारी सदमे में डूबे हैं।
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चंदनहा गांव में रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख हंडिया दीनानाथ पांडेय का भरा-पूरा कुनबा है। उनका पुत्र अरुण प्रधानी चुनाव मैदान में कूदा तो दूसरे शहरों में भी रहने वाले परिजनों को वोट देने के लिए बुलाया गया। मुंबई से अविनाश भी छोटे भाई गोविंद और पत्नी-बच्चों के साथ पांच दिसंबर को ही कार से आ गए थे। नौ दिसंबर को मतदान हुआ। मगर अरुण को हार झेलनी पड़ी। अविनाथ का छोटा भाई गोविंद दो दिन पहले ही ट्रेन से मुंबई चला गया था।

 सोमवार रात अविनाश कार से पत्नी-बच्चों संग मुंबई को चला तो चचेरा भतीजा शिवम पांडेय और चचेरा भाई सूरज उर्फ राहुल भी साथ रवाना हो गए। शिवम तो घूमने-फिरने जा रहा था जबकि राहुल मुंबई के ही चेंबूर इलाके के एक आश्रम में काम करता था। कानपुर देहात में हुए हादसे में अविनाश तो बुरी तरह जलकर बच गया मगर पत्नी रिंकी, दोनों बच्चे, शिवम तथा राहुल की जान चली गई। यह खबर भोर में पुलिस से फोन के जरिए यहां पहुंची तो एकबारगी पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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मृतकों में सूरज उर्फ राहुल के पिता शशिकांत पांडेय नागपुर में ट्रक चलाते हैं। राहुल दो भाइयों में बड़ा था। बड़ी बहन अर्चना का ब्याह हो चुका है। राहुल की मौत की खबर ने उसकी मां साधना और भाई हर्ष को दहला दिया। वे रोने-चीखने लगे। नागपुर से पिता शशिकांत भी कानपुर रवाना हो गए। इसी तरह, अनहोनी का शिकार शिवम पांडेय खेती और प्राइवेट बोरिंग का काम करने वाले अशोक पांडेय का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहन हैं जिनमें दो का ब्याह हो चुका है। घर में मां शशिकला और छोटी बहन निधि थी। वे भी शिवम के निधन की जानकारी पाकर विलाप करने लगीं। सुबह होने तक तमाम रिश्तेदार और ग्रामीण घर पर जमा हो गए। सभी गम में डूबे हैं। घर के बाहर और भीतर मौजूद लोगों की आखों से आंसू गिर रहे थे।
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