धनतेरस वाले दिन इलाहाबाद बैंक में दमगढ़ा शाखा के कैशियर छविनाथ यादव से उतरांव के रहेथू गांव के पास दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा सटाकर बैंक का दस लाख रुपये लूट कर भाग निकले थे। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने में शामिल मास्टरमाइंड समेत तीन लुटेरों को शनिवार दोपहर क्राइम ब्रांच और उतरांव पुलिस ने एकडला तिराहे के पास से दबोच लिया। लूट की वारदात में शामिल दो अन्य बदमाश मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। 21 नवंबर को थरवई इलाके में वकील सत्येंद्र सिंह की हत्या की रुपये लेकर इन्हीं बदमाशों ने किया था।
एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों के उतरांव के एकडला तिराहे के पास मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, एसआई सुनील दुबे सिपाही जुल्कर नैन,पवन सिंह, अवनीश कुमार,अभय कुमार, राजेश सिंह, संजय सिंह, हरिशंकर राय, धीरज राय और एसओ उतरांव नागेंद्र नागर के साथ घेरेबंदी कर हंडिया के चकनन्दू निवासी लल्लन यादव उर्फ राकेश यादव, रंगबहादुर यादव उर्फ देवतादीन उर्फ गुल्लू, हंडिया में किरांव निवासी रमाशंकर सैनी उर्फ बच्ची को दबोच लिया।
जबकि दो अन्य बदमाश बबलू और अजय सिंह मौके से फरार हो गए। पूूछताछ मेें लल्लन ने बताया कि लूट की साजिश उसने अपने भाई बबलू यादव के साथ रची थी। बबलू ने घटना से पहले रेकी की थी। जबकि लूट को देवतादीन, रमाशंकर और अजय सिंह निवासी लेड़ियारी खीरी ने अंजाम दिया था। लूट में लल्लन को डेढ़ लाख, बबलू, देवतादीन, रमाशंकर को पचास-पचास हजार रुपये मिले थे। बाकी रकम अजय सिंह के पास रखी हुई थी। जिसका बाद में बंटवारा होना था। लल्लन ने बताया कि सत्येंद्र के हत्या की सुपारी भी उसी ने ली थी। इस घटना को भी उसने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। लल्लन पंचायत चुनाव में एक प्रधान प्रत्याशी की हत्या करने वाला था। लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई। जिसके चलते उसे अपना इरादा बदलना पड़ा था। पकड़े गए लल्लन के पास से स्वतंत्र पत्रकार संघ का आईकार्ड भी बरामद हुआ है। जिसे वह पुलिस चेकिंग से बचने के लिए प्रयोग करता था।