गंगा पूजन की व्यवस्था और मेलाधिकारी के रवैये से नाराज प्रयागवाल प्रमुखों ने शुक्रवार को माघ मेला प्रशासन की ओर से 14 दिसंबर को नियत गंगा पूजन कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा की है। मेला प्रशासन की ओर से तीर्थ पुरोहितों को गंगा पूजन की तैयारियों के बारे में बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। गंगा पूजन के क्रम में तीर्थपुरोहितों ने मेले से जुड़े अन्य विषयों तथा व्यवस्था के बारे में भी बात करनी चाही लेकिन मेलाधिकारी ने उनकी नहीं सुनी।
तीर्थपुरोहितों प्रकाश चंद्र मिश्र, अजय कुमार पांडेय, राजेंद्र पालीवाल आदि का आरोप है कि मेलाधिकारी की ओर से अपमानजनक टिप्पणी की गई जिससे नाराज होकर सामूहिक रूप से गंगा पूजन के कार्यक्रम के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। साथ ही पत्र भेजकर उक्त घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को भी दी गई है। प्रयागवाल प्रमुखों की ओर से सभी तीर्थपुरोहितों से उक्त कार्यक्रम से विरत रहने की अपील की गई है। बातचीत के दौरान तीर्थपुरोहित श्यामजी मिश्र, वीरेंद्र तिवारी, राजेश त्रिपाठी, संतोष भारद्वाज, दिनकर पांडेय ऋतुराज मिश्र आदि मौजूद थे।
प्रयाग धर्म संघ के अध्यक्ष पं.राजेंद्र पालीवाल के मुताबिक मेला प्रशासन की ओर से संस्थाओं को भूमि वितरण के लिए तारीख तय की गई है लेकिन इसमें तीर्थ पुरोहितों का कोई उल्लेख नहीं है। संघ ने मेला प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए तीर्थपुरोहितों के लिए भूमि वितरण को बीस दिसंबर की तारीख तय करने की मांग की है।