बुधवार की रात कोहरा पड़ने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह भले ही धूप खिल गई हो लेकिन ट्रेेनों की चाल इससे नहीं सुधरी। दिल्ली रूट की तमाम ट्रेनों की लेटलतीफी पहले की तरह ही जारी रही। ट्रेनों की लेटलतीफी का आलम जो कुछ घंटों का था, वह बढ़कर एक दिन से ज्यादा का हो गया। इलाहाबाद जंक्शन आने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की बात करें तो वह अपने निर्धारित समय से 38 घंटे तक विलंबित रही। इसे बुधवार की सुबह इलाहाबाद आ जाना चाहिए था, लेकिन बृहस्पतिवार की रात आठ बजे तक ट्रेन यहां नहीं पहुंच सकी थी।
इतना जरूर रहा कि बृहस्पतिवार की सुबह 5.35 बजे आने वाली गाड़ी संख्या 12562 स्वतंत्रता सेनानी शाम पांच बजे तक इलाहाबाद पहुंच गई थी। हालांकि इसे लेकर यात्रियों में काफी असमंजस रहा। बहुत से यात्रियों को लगा कि बुधवार वाली स्वतंत्रता सेनानी शाम को पहुंची है लेकिन ट्रेन में चढ़ने के बाद मालूम पड़ा कि यह बृहस्पतिवार वाली ट्रेन है। बुधवार वाली ट्रेन रात नौ बजे के आसपास ही इलाहाबाद पहुंच सकेगी। इस बीच जयपुर से इलाहाबाद आने वाली 12404 मथुरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी रात नौ बजे तक इलाहाबाद नहीं पहुंच सकी थी। इसके यहां पहुंचने का वक्त सुबह 4.55 बजे है। 17 घंटे तक लेट होने की वजह से रात 11.30 बजे इलाहाबाद से रवाना होने वाली मथुरा सुपरफास्ट भी विलंबित हो गई।
तय हुआ कि गाड़ी संख्या 12403 मथुरा एक्सप्रेस रात 3.30 बजे इलाहाबाद से रवाना की जाएगी। इसके पूर्व संगम, नौचंदी और ऊंचाहार एक्सप्रेस भी आज विलंब से आने की वजह से अपने निर्धारित वक्त से रवाना नहीं हो सकी। संगम 5.45 की बजाय रात दस बजे, नौचंदी शाम 5.40 की बजाय रात नौ बजे एवं ऊंचाहार एक्सप्रेस अपराह्न 1.45 की बजाय शाम सात बजे के आसपास रवाना करने की तैयारी की गई। इसके पूर्व इलाहाबाद आने वाली पुरुषोत्तम, ब्रह्मपुत्र मेल, एनई एक्सप्रेस, कालका मेल, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति समेत दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें चार से 15 घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेनों के लेट आने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानी हुई।