इस बार माघ मेला दारागंज की तरफ कम झूंसी (गंगा के उस पार) की तरफ अधिक बसाया जाएगा। दारागंज की तरफ जगह कम होने और गंगा में लगातार कटान के चलते ऐसी स्थिति बनी है। मेला प्रशासन ने मेला झूंसी की तरफ बसाने की तैयारी की है। कई विभागों के कार्यालय भी झूंसी की ही तरफ ही बनाए जाएंगे।
इस बार गंगा की धारा रामघाट से लगकर बहने के कारण दारागंज की तरफ नाममात्र को ही जगह मिली है। काली सड़क और त्रिवेणी मार्ग पर बसने वाली संस्थाओं को बसाने की चुनौती झेल रहे मेला प्रशासन के लिए गंगोली शिवाला के पास होने वाली कटान से नई समस्या खड़ी हो गई है।
दंडी संन्यासियों के लिए प्रस्तावित भूमि भी खत्म हो गई है। मेलाधिकारी हरिओम शर्मा के मुताबिक इस बार 95 फीसदी मेला झूंसी की ओर से ही बसाया जाएगा। इस बार गंगा के पूरब की ओर अक्षय वट और जीटी रोड के बीच ही जमीन उपलब्ध है। इस कारण मुख्य मेला सेक्टर तीन और चार में ही बसाया जाएगा। इससे पहले भी मेला झूंसी की तरफ 60 और दारागंज की तरफ 40 के अनुपात में ही बसता रहा है