शहर के महात्मा गांधी मार्ग पर सीएवी इंटर कॉलेज के सामने बुधवार शाम बस की चपेट में आने से मेडिकल स्टोर के सेल्समैन की मौत हो गई। वह डिवाइडर पर बाइक टकराने के बाद सड़क पर गिरा था तभी पीछे से आकर बस ने उसे कुचल दिया। उसकी वहीं मौत हो गई। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर युवक के परिजनों को दुखद घटना की जानकारी दी तो वे भी रोते-कलपते अस्पताल आ गए।
मूल रूप से करछना इलाके के रहने वाले सीताशरण गौड़ के निधन के बाद उनकी पत्नी शांति देवी तीन बेटों के साथ शहर के जार्जटाउन इलाके में रहती थीं। कुछ समय पहले वह सिविल लाइंस में बस अड्डे से कुछ दूर पर आकर रहने लगीं। तीन बेटों में बड़ा ननकू मानसिक रूप से कमजोर है। वह घर में ही रहता है। मंझला गोपाल (35) लीडर रोड पर एक मेडिकल स्टोर में बतौर सेल्समैन काम करता था। तीसरा पुत्र प्रीतम नगर कॉलोनी में रहता है। मंझला पुत्र गोपाल बुधवार शाम करीब छह बजे महात्मा गांधी मार्ग पर सीएवी इंटर कॉलेज के सामने बस की चपेट में आ गया। वह बाइक से सड़क पर गिरा तो पीछे से आ रही बस ने उसे रौंद दिया।
उसका सिर बस के पहिया के नीचे आ गया था। उसकी वहीं मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग जुटे और पुलिस को खबर दी। पुलिस ने जेब की तलाशी ली तो दो मोबाइल फोन और पर्स, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस मिला जिससे उसकी पहचान गोपाल के रूप में हुई। खबर पाकर गोपाल के ससुर विजय कुमार अपने बेटे मनीष के साथ पहुंच गए। सिविल लाइंस में खरबंदा मार्केट के पास चाय की दुकान चलाने वाले विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने 15 साल पहले अपनी बेटी ज्योति का ब्याह गोपाल के साथ किया था।
उसके दो बच्चे हैं। 12 साल का बेटा हर्ष और 10 साल की बेटी महक। पुलिस का अनुमान है कि बाइक डिवाइडर से टकराने पर गोपाल गिरा तो बस ने पीछे से आकर कुचल दिया। बस को पकड़ा नहीं जा सका है। इस अनहोनी से गोपाल की पत्नी और दो बच्चों के सामने मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।