इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का असर गंगा-यमुना में दिखने लगा है। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में बसने वाले लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गंगा की अपेक्षा यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नैनी में यमुना के जलस्तर में प्रतिघंटे आठ सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है।
गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ दारागंज, बघाड़ा, सलोरी, ओम गायत्री नगर, गोविंदपुर, चिल्ला, शिवकुटी, रसूलाबाद, मेहंदौरी से लेकर बेली गांव, ऊंचवागढ़ी, गंगा नगर, नेवादा तथा यमुना किनारे बसे मीरापुर, सदियाबाद, करेलाबाग, शम्स नगर आदि में रहने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि गंगा-यमुना अभी आबादी से दूर हैं, लेकिन जलस्तर में जिस रफ्तार से वृद्धि हो रही है, अगले कुछ दिनों में पानी आबादी तक पहुंच सकता है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर फाफामऊ में दो सेंटीमीटर और छतनाग में 11 सेंटीमीटर बढ़ा। इसकी अपेक्षा यमुना के जलस्तर 63 सेंटीमीटर बढ़ गया। यह वृद्धि सुबह दस से शाम छह बजे के बीच दर्ज की गई। यमुना में तेजी से हो रही वृद्धि का असर गंगा पर भी पढ़ेगा, क्योंकि यमुना का जलस्तर जितनी तेजी से बढ़ेगा, गंगा को पीछे ढकेलेगा। इससे गंगा का जल आबादी की ओर बढ़ेगा। जानकारों का कहना है उत्तराखंड में लगातार तेज बारिश हो रही है। इसकी वजह से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। अगले कुछ दिनों में जलस्तर और तेजी से बढ़ेगा।
शुक्रवार को नदियों का जलस्तर
गंगा फाफामऊ 79.000 मीटर
गंगा छतनाग 75.230 मीटर
यमुना नैनी 75.570 मीटर
बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन एवं दारागंज मोरी गेट पंपिंग स्टेशन में दो पंप खराब होने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है। मोरीगेट के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत भी अब तक नहीं हुई। इससे बाढ़ का पानी शहर में प्रवेश करने का खतरा है। बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन में 30 क्यूसेक का तथा मोरी गेट पर पंप नंबर नौ काफी दिनों से खराब है। पहले इसकी देखरेख की जिम्मेदारी जल निगम के पास थी लेकिन अब जलकल विभाग को दे दी गई है। पार्षद शिव सेवक सिंह का कहना है कि जलकल विभाग के पास संसाधनों की कमी है। जीएम वीएन द्विवेेदी का कहना है कि पंपों को मरम्मत के लिए भेजा गया है। शनिवार या रविवार को पंप आ जाएंगी। उसके बाद उन्हें लगाया जाएगा।