पश्चिमी हवा के दबाव से जिले में हुई हल्की बारिश से किसानों को राहत मिली है। हालांकि किसान और बारिश होने की उम्मीद लगाए थे लेकिन कम बारिश भी खेती के लिए वरदान की तरह है। इस बारिश से जहां गेंहू, सरसों, चना और मटर सहित रबी की फसलों की बोवाई में तेजी आएगी वहीं जो फसलें उग आईं हैं उनका विकास तेजी से होगा। उनकी सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रबी की फसलों के अंतर्गत आलू, गेंहू, सरसों, मटर, चना सहित कई फसलें आती हैं। इस वक्त सभी की बोवाई चल रही है। जानकारों के मुताबिक 15 से बीस फीसदी तक इन फसलों की बोवाई चल रही है। जिन खेतों की बोवाई नहीं हो पाई है। किसान उसके लिए खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। बारिश होने से खेतों की जुताई करने के लिए सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बारिश होने से कृषि विभाग भी थोड़ा सचेत हो गया है।
जिला कृषि अधिकारी गणेश प्रसाद ने दावा किया है कि उन्होंने ब्लाकों में स्थित राष्ट्रीय कृषि बीज भंडार में 16 हजार कुंतल गेंहू के बीज उपलब्ध करा दिए हैं। अब तक किसानों ने बोवाई के लिए पांच हजार कुंतल गेंहू के बीज खरीद भी लिए हैं। सहायक निबंधक की ओर से सहकारी समितियों में यूरिया 6472 मैट्रिक टन, डीएपी 12147 मैट्रिक टन, एनपीके 1440 मैट्रिक टन उपलब्ध करा दिया गया है। जैसे-जैसे इसकी मांग बढ़ेगी उपलब्धता कराई जाती रहेगी। सहकारी समितियों में भी गेहूं के बीजों की बिक्री किसानों के लिए की जा रही है।