इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हालैंड हाल हास्टल में रविवार आधी रात के बाद पुलिस की कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। छात्रों ने लैपटाप, मोबाइल आदि सामान चोरी होने का भी आरोप लगाया है। नाराज छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उनमें विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी रही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है।
युवकों ने कटरा बाजार में रविवार को जमकर बवाल काटा था। इसमें हालैंड हाल के छात्राें के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस पर पुलिस ने हास्टल में कार्रवाई की। छात्रों का कहना था कि जिन छात्रों को उस घटना से कोई वास्ता नहीं था उन्हें भी पुलिस ने जमकर पीटा। छात्रों ने कार्रवाई के दौरान तीन लैपटाप, छह मोबाइल तथा कई के कमरे से कैश गायब होने का आरोप लगाया। डीएसडब्ल्यू ने भी निर्दोष छात्रों की पिटाई तथा आर्थिक क्षति पहुंचाने की निंदा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी। प्रदर्शन करने वालों में रजनीश सिंह, मन्ना शाही, धनंजय राय आदि शामिल रहे।
सलोरी बवाल के आरोप में गिरफ्तार कई युवाओं के लोअर सबऑर्डिनेट साक्षात्कार से वंचित होने का खतरा बन गया है। बुधवार को हुई घटना के 22 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें कई को सोमवार से शुरू हुए लोअर सबऑर्डिनेट-2013 के इंटरव्यू में शामिल होना है। इतना ही नहीं कई को इविवि की सेमेस्टर परीक्षाओं में भी शामिल होना है। ऐसे में गिरफ्तारी से उनकी तैयारी तो प्रभावित हो ही गई है, साक्षात्कार तथा परीक्षा से वंचित होने का भी अंदेशा बन गया है। विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने सोमवार को जेल में बंद प्रतियोगियों तथा छात्रों से मुलाकात की। ऋचा ने उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने तथा छात्रों पर से गंभीर धाराएं हटाने की मांग की।
अक्षय भट्ट के नेतृत्व में भी प्रतिनिधिमंडल जेल में छात्रों से मिला। छात्राें का कहना था कि पुलिस ने 16 साल के शुभम द्विवेदी को भी अपराधी बताकर बंदी बनाया है। उन्होंने घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया तथा आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखे जाने की मांग की। जेल में छात्रों से मिलने वालों में सुधांशू सिंह, पंकज पांडेय, धीरज पांडेय, शशिकांत मिश्रा, बसंत गुप्ता आदि शामिल रहे। जनवादी छात्र सभा से जुडे़ छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मकान किराया अधिनियम बनाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सुनील यादव, राम सागर, शिवम यादव, रेनू सोनकर, अभय श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।