गंगापार के नवाबगंज इलाके में शुक्रवार सुबह कार की टक्कर से महिला की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। नाराज ग्रामीणों ने महिला का शव इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना देने के काफी देर बाद भी पुलिस नहीं पहुंची तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। बाद में सीओ और एसओ नवाबगंज मौके पर पहुंचे। लगभग दो घंटे बाद जाम खुला और आवागमन शुरू हो सका। यातायात बाधित होने के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
नवाबगंज के टिकरी गांव का ज्ञानचंद सरोज ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। चार दिन वह काम पर मेरठ चला गया। उसकी पत्नी निर्मला देवी (30) तीन बच्चों काजल, मिथुन और विकास के साथ घर पर थी। सुबह वह उपली लेकर सड़क पार कर रही थी कि इलाहाबाद की ओर से आ रही बेकाबू कार निर्मला को कुचलते हुए भाग निकली। निर्मला की मौके पर ही मौत हो गई । हादसे के बाद आसपास के लोग पहुंचे तो सड़क पर निर्मला का खून से लथपथ शव पड़ा था। यह देखकर लोगों का खून खौल उठा। सैकड़ों की संख्या ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडा लेकर सड़क पर आ गए।
शव को इलाहाबाद-लखनऊ राजमार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया। जिसके चलते मुख्य मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की क तार लग गई। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के बाद भी न तो पुलिस आई और न ही एंबुलेंस भेजा। कुछ देर बाद सीओ सोरांव लाल प्रताप सिंह और एसओ नवाबगंज रामआशीष उपाध्याय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने लोगों के आक्रोश का सामान करना पड़ा।
किसी तरह पुलिस ने समझाबुझाकर ग्रामीणों को मृतक के परिवार को सहायता राशि दिलाने का भरोसा देकर जाम खुलवाया। उधर, मां की मौत से निर्मला के किशोरवय बच्चों काजल, मिथुन और विकास का रोकर बुरा हाल है। उन्हें मां की मौत के बाद सहारा देने वाला कोई अपना नहीं था। पत्नी के मौत की खबर पाकर ज्ञानचंद मेरठ से चल चुका है। नवाबगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।