फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागघाट पर तेजी से पूरे होंगे काम

Fri, 27 Nov 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रयाग स्टेशन और प्रयाग घाट स्टेशनों पर कामों को समय से पूरा करने के लिए उत्तर रेलवे (एनआर) के अफसर गंभीर हो गए हैं। इसके लिए शुक्रवार को एनआर के महाप्रबंधक एके पुथिया ने डीआरएम एके लाहौटी समेत अन्य अफसरों के साथ स्टेशनों का निरीक्षण किया। इसके पहले यहां हो रहे कामों के संबंध में अफसरों के साथ बैठक भी की।
विज्ञापन


सुबह यहां पहुंचे जीएम अफसरों के साथ बैठक करने के बाद करीब पौने ग्यारह बजे प्रयागघाट स्टेशन पहुंचे। इस स्टेशन को 2019 के अर्द्धकुंभ के पहले तैयार किया जाना है। यहां पहले चरण में ट्रेन की वाशिंग लाइन और कनेक्टिंग लाइन का काम हो रहा है। इसके बाद पांच प्लेटफॉर्म, आरओबी, ऑफिसर बिल्डिंग आदि बनाई जानी है। जीएम ने वाशिंग लाइन और कनेक्टिंग लाइन का काम 15 दिसंबर तक पूरा करने का आदेश दिया। वॉशिंग लाइन बनने के बाद प्रयाग स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों की प्रयागघाट में वॉशिंग होगी। उसे इसके लिए इलाहाबाद जंक्शन नहीं भेजना होगा।

प्रयाग स्टेशन के निरीक्षण के दौरान यहां से गंगागोमती, ऊंचाहार एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को चलाने के पहले होने वाले कामों का जायजा लिया। प्रयाग स्टेशन पर छह ट्रक है लेकिन वॉशिंग लाइन एक है। इन ट्रेनों को इलाहाबाद जंक्शन के बजाए प्रयाग से ही चलाने का प्रस्ताव है। एनसीआर ने इस संबंध में एनआर को पत्र भी लिखा है, जिसमें जंक्शन पर कंजेशन ज्यादा होने के हवाला देते हुए कुछ ट्रेनों को प्रयाग से ही चलाने को कहा गया है। जीएम ने अफसरों से इसके लिए प्रयाग स्टेशन पर की जाने वाली व्यवस्था के बारे में पूछा। ट्रेनें यहां से चलाने पर वॉशिंग लाइन और स्टाफ की संख्या बढ़ानी होगी। निरीक्षण में सीओएम संजीव गर्ग, सीसीएम, आरडी वाजपेई समेत इलाहाबाद एवं लखनऊ से कई अफसर शामिल थे।
विज्ञापन


 एनआर के जीएम एके पूथिया ने प्रयाग स्टेशन के निरीक्षण के दौरान ट्रैक के इलेक्ट्रिफिकेशन काम के बारे में भी जानकारी ली। फाफामऊ से वाराणसी और रायबरेली तक हुई इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण करने जल्द ही सीआरएस भी आने वाले हैं। इस ट्रक पर इलेक्ट्रिक इंजनों के चलने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। सबसे ज्यादा फायदा पूर्वा एक्सप्रेस को होगा। इसके साथ ऊंचाहार पावर प्लांट में कोयल पहुंचाने वाली ट्रेनों को भी इंजन बदलने से छुटकारा मिल जाएगा।

उत्तर रेलवे ने प्रयाग स्टेशन के प्रयाग घाट के बीच दीवार उठा दी है। इसकी वजह से स्टेशन पार रहने वालों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। जीएम ने बताया कि यहां फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बिन सकता है। प्रदेश सरकार प्रस्ताव दे। रेलवे इसके लिए एनओसी दे देगा।

 प्रयागघाट स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे जीएम एके पुथिया ने अचानक अपनी कार ऐसी जगह रुकवा दी, जहां काफी जलभराव था। कार रुकते ही साथ चल रहे अफसरों के हाथ-पॉव फूल गए। यहां पटरा लगाकर जीएम समेत अन्य अफसर दूसरी तरफ गए। जलभराव की समस्या लो लैंड के कारण हैं। जीएम ने जलभराव की समस्या भी खत्म करने की हिदायत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें