इलाहाबाद समेत सोनभद्र, मिर्जापुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, झांसी, ललितपुर, आगरा और मथुरा में मध्य प्रदेश से टैक्स की चोरी से बड़े पैमाने पर सीमेंट आ रहा है। यही नहीं, मेरठ और सहारनपुर समेत उससे लगे जिलों में दिल्ली एवं हरियाणा से भारी मात्रा में मंगाया जा रहा है। बड़े पैमाने पर चल रहे इस करापवंचन के खेल में वाणिज्य कर विभाग के अफसर भी शामिल हैं।
दो दिन पहले विधानसभा की प्रतिनिधायन समिति की बैठक में यह मामला उठा तो अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी जोनल एडिशनल कमिश्नरों को अपने जोन में करापवंचन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और प्रवर्तन कार्य सख्ती से करना का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने कार्रवाई की रिपोर्ट भी 15 दिन में उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की मिलीभगत से कर चोरी का खेल लंबे समय से चल रहा है। कभी इसका पता चलने पर कुछ दिनों तक सख्ती रहती है लेकिन बाद में फिर सब उसी तरह हो जाता है। 23 नवंबर को लखनऊ में विधानसभा की प्रतिनिधायन समिति की बैठक में विधायकों ने सीमावर्ती राज्यों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कर चोरी से आ रही सीमेंट का मामला उठाया। विधायकों ने बताया कि मध्य प्रदेश से यूपी की सीमा से जुड़े जिलों सोनभद्र, मिर्जापुर, इलाहाबाद, चित्रकूट, बांदा, महोबा, झांसी, ललितपुर, आगरा, मथुरा में कर चोरी से प्रति दिन भारी मात्रा में सीमेंट पहुंच रहा है। इसके साथ चित्रकूट, बांदा, महोबा, ललितपुर, मिर्जापुर में स्टोन क्रेशर द्वारा भारी उत्पादन के बावजूद कम दिखाकर टैक्स की चोरी की जा रही है।
बैठक में विधायकों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि कुछ बड़े शहरों में आवासीय, अनावासीय निर्माण के लिए प्राइवेट कार्यदायी संस्थाएं, बिल्डर्स एवं ठेकेदारों ने शहर के बाहरी क्षेत्रों में गोदाम बना रखे हैं, जहां सीमावर्ती राज्यों से कर चोरी से मंगाई गई निर्माण सामग्री एकत्र की जा रही है। करावंचन करने वाले यहीं तक सीमित नहीं हैं। विधायकों के मुताबिक दिल्ली और हरियाणा से मेरठ एवं सहारनपुर में बड़ी मात्रा में डीजल एवं पेट्रोल भी कर चोरी से लाया जा रहा है। विधायकों ने अवैध गोदामों का सर्वे कराके रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया।
बैठक में बड़े पैमाने पर कर चोरी का आरोप लगने के बाद अफसरों में हड़ंकप मच गया है। इसके बाद कमिश्नर ने कर चोरी पर लगाम के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने का फरमान जारी कर दिया। उन्होंने किसानों द्वारा निजी प्रयोग के लिए एक निश्चित सीमा तक लाए जा रहे डीजल-पेट्रोल को छोड़कर शेष में प्रभावी कार्रवाई और करापवंचन रोकने का आदेश दिया।