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फोर्स कम थी तो क्यों भिड़ गए उग्र छात्रों से

Thu, 26 Nov 2015 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सलोरी इलाके में बुधवार को हुए बवाल के लिए दोषी तो निश्चित तौर पर छात्र ही हैं मगर बवाल शुरू होने के लिए पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लॉज मालिक से टकराव के बाद चक्काजाम कर रहे उग्र छात्रों को समझाने की पुलिस ने कोशिश जरूर की लेकिन फिर फोर्स कमी के बावजूद उन पर लाठीचार्ज कर दिया गया। पुलिस बल कम होने की वजह से आक्रोशित छात्र भारी पड़ गए जो इलाके में तबाही का कारण बना।
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 कहा जा रहा है कि फोर्स की कमी थी तो कर्नलगंज पुलिस को छात्रों पर लाठीचार्ज करने की बजाय कुछ देर तक इंतजार करना था। पथराव में माथे पर घाव होने से लहूलुहान खुद सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार ने माना कि शुरू में फोर्स की कमी थी। मगर उनका कहना था कि छात्रों ने ही पथराव किया जिसके बाद लाठियां पटकनी पड़ी। उन्होंने इस बात को नकारा कि पुलिस ने बेवजह लाठीचार्ज की जबकि छात्रों के हुजूम के आगे फोर्स बेहद कम थी।

 देर रात कई छात्र नेताओं ने फोनकर आरोप लगाया कि सीओ और एसपी सिटी ने फायरिंग और लाठीजार्च कराया है। हालांकि इस बाबत आईजी से लेकर एसएसपी तक कहते रहे कि जमकर उपद्रव कर कानून-व्यवस्था भंग करने के बाद अब बचाव में झूठी बात कही जा रही है।
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विश्वविद्यालय, कई डिग्री कॉलेज में पढ़ने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर के अल्लापुर, बघाड़ा, कर्नलगंज, कटरा, गोविंदपुर, काटजू बाग कॉलोनी समेत अन्य मुहल्लों में रहने वाले हजारों छात्रों और लॉज-मकान मालिकों के बीच अक्सर झगड़ा होता है। कुछ मामले आपस में या चौकी-थाने में निपट जाते हैं तो कई बार झगड़ा बढ़ने पर पुलिस को स्थिति संभालने के लिए जूझना पड़ता है। पिछले डेढ़ दशक में ही कम से कम दस बार भारी बघाड़ा से लेकर सलोरी तक भारी उत्पात हो चुका है।

 12 साल पहले एसएसपी राजेंद्र छाबड़ा की तैनाती के दौरान बघाड़ा में एक छात्र को छत से फेंकने के बाद कई घंटे तक आगजनी और पथराव में पुलिस को रात भर जूझना पड़ा। पिछले साल भर के दौरान ही बघाड़ा और सलोरी इलाके में किराएदारों और लॉज मालिकों के बीच एक दर्जन से ज्यादा बार ऐसे झगडे़ हो चुके हैं जिनमें पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बघाड़ा में तो ऐसा बवाल हुआ कि कई रोज तक पुलिस को वहां निगरानी करनी पड़ी। किराया बढ़ाने पर छात्रों की तरफ से कई दिन तक सलोरी इलाके में जुलूस निकाले गए तो विरोध में लॉज और मकान मलिकों ने भी पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के पास विरोध प्रदर्शन किया।

 सलोरी में हुए भारी उत्पात के पीछे कमरे का किराया आठ सौ रुपये बढ़ाना बताया गया है। सलोरी में रहने पंकज कुमार और उनके बगल के लॉज मालिक एके द्विवेदी ने किराया दो हजार से बढ़ाकर 28 सौ रुपये करने का ऐलान किया तो छात्र भड़क गए। छात्रों का कहना था कि वे दूर-दूर से यहां पढा़ई के लिए आए हैं। ज्यादातर छात्र ऐसे हैं जिनके लिए बढ़ा किराया देना मुश्किल होगा। मगर दोनों लॉज मालिक नहीं माने और बुधवार को छात्रों से कह दिया कि वे किराया नहीं दे सकते हैं तो कमरा छोड़कर चले जाएं। इस पर शाम को कुछ स्थानीय युवकों ने नेतागिरी करते हुए छात्रों को एकत्र कर पहले ईश्वर शरण पुलिस चौकी पर जाकर हंगामा किया, फिर कुछ दूर पर सड़क पर अवरोध रखकर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद तो पुलिस और छात्रों के संघर्ष में आधी रात तक उत्पात हुआ। आठ सौ रुपये किराया बढ़ाने पर शुरू हुए हंगामा में कई गाड़ियां जलाने और तोड़ने, दुकानों में तबाह करने और एटीएम तोड़ने से कई लाख रुपये का नुकसान हो गया।

बवाल के दौरान पुलिस की हवाई फायरिंग में एक छात्र को भी गोली लगने की अफवाह रही। कई छात्रों ने भी इस बारे में कहा लेकिन पुलिस ने इनकार किया। पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई ऐसा छात्र नहीं मिला और पुलिस ने रबड़ बुलेट से फायरिंग की है।
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