इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद शर्मनाक घटना हुई। अनशन पर बैठी छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह तथा समर्थकाें को मनाने पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला के साथ वहां मौजूद लोगों ने हाथापाई कर दी। इस तरह से चीफ प्रॉक्टर से बदतमीजी पर वहां मौजूद अन्य शिक्षक, सुरक्षा कर्मी और छात्र हतप्रभ रह गए। शिक्षकों त्रथा विश्वविद्यालय के अफसरों में इससे काफी नाराजगी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शुक्रवार को हुई बैठक में घटना में शामिल युवाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। सोमवार को विश्वविद्यालय खुलने पर इस पर मुद्दे पर फिर बैठक होगी।
जिला प्रशासन ने देर रात छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के निरस्त करने का आदेश दिया। इसके बाद रात तकरीबन एक बजे चीफ प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू डॉ.एआर सिद्दीकी तथा कार्यवाहक रजिस्ट्रार अनशन पर बैठे छात्र-छात्राओं को मनाने के लिए पहुंचे। अफसरों का कहना था कि जिला प्रशासन ने कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। इसलिए अब अनशन का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन ऋचा तथा समर्थक मांग कर रहे थे विश्वविद्यालय प्रशासन भी लिखकर दे कि आयोजन निरस्त कर दिया गया है। इस पर अफसरों ने असमर्थता जताई। इसी बीच कुछ लोगों ने चीफ प्रॉक्टर से बदतमीजी शुरू कर दी। उन्होंने उनके साथ हाथापाई भी की।
चीफ प्रॉक्टर ने घटना के बाद से ही मोेबाइल ऑफ कर लिया है। डीएसडब्ल्यू ने बताया कि यह काफी शर्मनाक रहा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे इतर ऋचा के समर्थकों और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच कार्यक्रम स्थगित करने को लेकर पहले से बहस चल रही थी। चीफ प्रॉक्टर तथा अन्य शिक्षकों के साथ बदतमीजी के बाद विवाद और बढ़ गया। आयोजन के समर्थन में पहुंचे कुछ लोगों ने ऋचा तथा समर्थकों के साथ हाथापाई की।
ऋचा का आरोप है कि चीफ प्रॉक्टर नशे में थे। उनमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं थी। ऋचा का यह भी कहना है कि महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू के नेतृत्व में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने अनशन कर रहे लोगों पर हमला बोल दिया लेकिन विश्वविद्यालय के अफसर और सुरक्षा कर्मी दूर खड़े होकर तमाशा देखते रहे। ऋचा ने कर्नलगंज थाने में एफआईआर भी लिखाई है। ऋचा के समर्थन में कई पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भी धरना स्थल पर पहुंचे। आइसा, रुस्तम कुरैशी, सुनील मौर्य, शालू यादव, एआईडीएसओ के भीम सिंह चंदेल, ब्रिजमोहन, आईपीएफ के राजेश सचान, इंसाफ अभियान के सौरभ त्रिपाठी आदि ने ऋचा तथा समर्थकों पर हमले की निंदा की। एआईडीएसओ से जुड़े छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की भी मांग की।
विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के खिलाफ छात्रों के एक गुट ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा एबीवीपी से जुड़े छात्रों की शुक्रवार को हुई बैठक में समारोह स्थगित करने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। छात्रों ने ऋचा तथा समर्थकों पर चीफ प्रॉक्टर के साथ हाथापाई का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बैठक में ऋचा सिंह को अध्यक्ष न मानने की भी घोषणा की गई। छात्रों का कहना था कि ग्रीवांस सेल ने माना है कि अध्यक्ष के निर्वाचन में अनियमितता हुई है। इसके अलावा मामला हाईकोर्ट में है। इसलिए वे ऋचा को अध्यक्ष नहीं मानते। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की जाएगी कि जब तक हाईकोर्ट को फैसला नहीं आ जाता ऋचा को अध्यक्ष न माना जाए।
संगठन के कार्यकर्ताओं की एक अन्य बैठक में कार्यक्रम निरस्त करने की कठोर शब्दों में निंदा की गई। छात्रों ने इसके विरोध में तेज आंदोलन की घोषणा की। बैठक में शैलेंद्र मौर्या, रत्नेश पांडेय आदि मौजूद रहे। छात्रों की एक अन्य बैठक में रजनीश कुमार सिंह रिशू, अभिनव सिंह, अनुराग शुक्ला आदि छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर हमले की निंदा की। उन्होंने ऋचा तथा अन्य आरोपी छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने कार्यक्रम निरस्त करने की भी निंदा की। साथ में यह घोषणा की कि मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आजम खां आदि नेता इलाहाबाद आएंगे तो वे उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
तनाव को देखते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक में सोमवार को भी कक्षाएं स्थगित रखने का निर्णय लिया गया। हालांकि कार्यालय खुले रहेंगे।
इविवि में बृहस्पतिवार को मारपीट की घटना में छात्रसंघ के संयुक्त सचिव श्रवण जायसवाल घायल हो गए। उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने बताया कि छात्रसंघ उद्घाटन समारोह का होर्डिंग लगाते समय कुछ अराजक तत्व आए और श्रवण पर हमला बोल दिए। उसमें श्रवण को काफी चोट लगी है।