इलाहाबाद के युवाओं के कौशल विकास की योजना को झटका लगा है। यहां के किसी भी संस्थान को दीनदयाल कौशल केंद्र खोलने की मंजूरी नहीं मिली। यूजीसी ने पूरे देश के 65 शिक्षण संस्थानों को इस केंद्र के लिए चुना है। इनमें से सात उत्तर प्रदेश के हैं। युवाओं के कौशल विकास के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए यूजीसी के पास पूरे देश से 708 प्रस्ताव पहुंचे थे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, यूइंग क्रिश्चियन कालेज, एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कालेज समेत कई अन्य संस्थानों ने भी प्रस्ताव भेजा था। विशेषज्ञों की इंटरफेस मीटिंग के बाद यूजीसी ने मंगलवार को चयनित और अस्वीकृत प्रस्तावों की सूची जारी कर दी है। चयनितों की सूची में इलाहाबाद का कोई संस्थान शामिल नहीं है। उत्तर प्रदेश से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट आगरा, नेशनल पीजी कालेज लखनऊ, रघुनाथ गर्ल्स पीजी कालेज मेरठ में दीनदयाल कौशल केंद्र खोलने की मंजूरी दी गई है। इनके अलावा प्रदेश के दो निजी संस्थान में भी कौशल केंद्र खुलेंगे।