इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पतंग उड़ाने में प्रयोग होने वाले चाइनीज मंझे के दुष्प्रभाव को देखते हुए इसकी बिक्री, निर्माण और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमर उजाला की ओर से चाइनीज मंझे पर रोक लगाने के लिए चलाए गए व्यापक अभियान का भी कोर्ट ने अपने आदेश में संज्ञान लिया है। चाइनीज मंझे से हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि जहां कहीं भी मंझे का निर्माण या बिक्री हो रही है, वहां छापा डालकर उसे सीज कर दिया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाए कि पतंगबाजी में चाइनीज मंझे का प्रयोग न करें।
इलाहाबाद के अनुराग मिश्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। याची के वकील योगेश मिश्र ने अमर उजाला और अन्य मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि चाइनीज मंझे की वजह से लोगों की जान जा रही है। यह मंझा इतना खतरनाक है कि इसकी चपेट में आने वालों की या तो जान चली जाती है या वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। अकेले इलाहाबाद में पिछले तीन वर्षों के दौरान तीन लोगों की गले में चाइनीज मंझा फंसने से जान जा चुकी है। घायल होने वालों की संख्या सैकड़ों में है। कोर्ट को बताया गया कि चाइनीज मंझे में सिंथेटिक धागे, कांच और कई हानिकारक रसायनों का प्रयोग होता है, जिससे यह आसानी से टूटता नहीं और काफी तेज धार होने के कारण जानलेवा साबित होता है।
याचिका में इलाहाबाद में मंझे के प्रयोग और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी, मगर कोर्ट ने इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए कहा कि इस खतरनाक चीज पर पूरे प्रदेश में रोक लगनी चाहिए। सरकार को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि कहीं भी इसकी बिक्री, निर्माण और उपयोग न होने पाए। डीएम इलाहाबाद की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि जिले में चाइनीज मंझे को प्रतिबंधित कर दिया गया है, इसे बेचने की कोशिश करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।