एबीवीपी के पैनल से विजयी चार पदाधिकारियों की ओर से 20 नवंबर को छात्रसंघ उद्घाटन समारोह की घोषणा की गई है। आदित्यनाथ को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है।
जबकि, छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने इसका विरोध किया है। ऋचा के नेतृत्व में आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों ने भी आदित्य नाथ के कार्यक्रम का विरोध किया है। इसी बीच नान नेट फेलोशिप की मांग को लेकर आइसा की ओर से मंगलवार को छात्रसंघ भवन में कन्वेंशन की घोषणा की गई थी, लेकिन आदित्य नाथ के कार्यक्रम के विरोध से नाराज एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने छात्रसंघ भवन में तालाबंदी कर दी। छात्रसंघ अध्यक्ष तथा चीफ प्रॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद छात्रसंघ भवन का ताला तो खुला, लेकिन कार्यक्रम शुरू होते ही बड़ी संख्या में पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इसमें छात्रसंघ पदाधिकारी भी शामिल रहे। कुछ ही देर में हाथापाई शुरू हो गई और कई विद्यार्थियों को गंभीर चोट लगी हैं। कार्यक्रम में छात्राएं भी मौजूद रहीं।
हालांकि हंगामा करने वाले छात्राओं से दूर ही रहे। छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा का कहना है कि नान नेट फेलोशिप के मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम का विरोध किसी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। इस उपद्रव के खिलाफ छात्र शांत नहीं बैठेंगे। इसके विपरीत छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू, संयुक्त मंत्री श्रवण जायसवाल और सांस्कृतिक मंत्री जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि छात्रसंघ भवन में होने वाले कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इसलिए विरोध किया गया और छात्रों ने छात्रसंघ भवन में ताला लगा दिया। उनका यह भी कहना था कि छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने प्रशांत भूषण जैसे व्यक्ति को बुलाया था जिन्होंने एक देशद्रोही की पैरवी की थी। इसके लिए उन्होंने छात्रसंघ केनाम का उपयोग किया था। यह गलत है। इसलिए वे इस तरह के आयोजनों का विरोध करते रहेंगे।
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की ओर से 20 नवंबर को प्रस्तावित सांसद योगी आदित्य नाथ का कार्यक्रम सीनेट परिसर के डीन आर्ट्स कार्यालय के समाने स्थित मैदान में होगा। विरोध के बीच कई चरणों की वार्ता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को इसकी अनुमति दे दी। हालांकि छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य छात्र संगठनों की ओर से कार्यक्रम का विरोध किया जा रहा है। इससे तनाव बन गया है।
एबीवीपी के बैनर तले विजयी छात्रसंघ पदाधिकारियों की ओर से छात्रसंघ उद्घाटन समारोह की घोषणा की गई है।
सोमवार को कुलपति की अध्यक्षता में डीन्स की हुई बैठक में छात्रसंघ भवन में कार्यक्रम कराने की अनुमति दी गई थी, लेकिन छात्र इसके लिए तैयार नहीं हुए। वे सीनेट परिसर में कन्वोकेशन मैदान में आयोजन की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि छात्रसंघ भवन पर आयोजन से भीड़ को संभालना मुश्किल होगा। छात्रसंघ पदाधिकारियों के अलावा वरिष्ठ छात्र नेता अमित सिंह, राणा यशवंत प्रताप सिंह आदि ने छुट्टी पर होने के बावजूद कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण तथा अन्य पदाधिकारियों से मिलकर स्थिति से अवगत कराया।
छात्रों की मांग पर डीन्स की मंगलवार को फिर बैठक हुई। उसमें डीन आर्ट्स के सामने स्थित मैदान में कार्यक्रम कराने की अनुमति दी गई। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया। राणा यशवंत ने बताया कि योगी आदित्य नाथ ने कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। वह बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का कहना है कि समारोह और स्थान को लेकर अब कोई गतिरोध नहीं है।
इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विवादित बोल की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले सांसद आदित्य नाथ के कार्यक्रम का विरोध और मुखर हो गया है। छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह तथा अन्य संगठनों के साथ शिक्षक और साहित्यकार भी आदित्य नाथ के कार्यक्रम के विरोध में खड़े हो गए हैं।
अध्यक्ष ऋचा का कहना है कि उनके विरोध के बावजूद छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के आयोजन के लिए अनुमति देना गलत है। ऋचा ने विश्वविद्यालय के अलावा जिला प्रशासन के अफसरों को भी लिखा है कि आदित्य नाथ का विरोध किया जाएगा। किसी भी तरह की घटना की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की होगी। ऋचा ने पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों से भी सहयोग की अपील की है। आइसा आदि संगठनों ने भी आदित्य नाथ के कार्यक्रम के विरोध की घोषणा की है। एनएसयूआई की हुई बैठक में भी योगी के कार्यक्रम के विरोध का निर्णय लिया गया। बैठक में राजीव यादव, जितेश मिश्रा, अक्षय यादव, कोमलाक्ष गिरि आदि मौजूद रहे।
महात्मा गांधी हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी प्रोफेसर संतोष भदौरिया की ओर से विज्ञप्ति जारी कर कार्यक्रम का विरोध किया गया है। इस विज्ञप्ति के माध्यम जिलाउल हक, दूधनाथ सिंह, प्रोफेसर अकील रिजवी, रविकिरण जैन, प्रोफेसर राजेंद्र कुमार, ओडी सिंह, प्रोफेसर रंजना कक्कड़, उर्मिला जैन, प्रोफेसर कल्पना द्विवेदी, प्रोफेसर यूएस तिवारी, प्रोफेसर अनीता गोपेश, हरिश्चंद्र द्विवेदी, रामजी राय, सुधांशु मालवीय, हरिश्चंद्र पांडेय, अनिल रंजन भौमिक, डॉ.प्रणय कृष्ण, असरार गांधी, सूर्य नारायण सिंह, पद्मा सिंह, सुधीर सिंह, अविनाश मिश्रा आदि ने भी आदित्य नाथ के कार्यक्रम का विरोध किया है।
इन लोगों ने इसे विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का अपमान बताया। शहरियों से भी विश्वविद्यालय में होने वाले इस कार्यक्रम के विरोध के लिए आगे आने की अपील की। स्वराज अभियान के अरविंद पांडेय, जमाल अफजल, काजी मकसूद आदि ने भी ऋचा के समर्थन की अपील की है।
इसके विपरीत प्रतियोगी छात्र मोर्चा के डॉ.राजेश सिंह, सुरेश यादव, सचिन सिंह माइकल, आनंद सिंह आदि ने आदित्य नाथ के कार्यक्रम का समर्थन किया है। मोर्चा की बैठक में छात्र नेताओं का कहना था कि आदित्य नाथ के आगमन का कोई विरोध करता है तो वे उनकी ओर से आयोजित होने वाले हर तरह के कार्यक्रम का विरोध करेंगे।