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बना दो मुझे कमिश्नर, अध्यक्ष को भेज दूंगा जेल

Tue, 23 Jun 2015 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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‘मुझे इलाहाबाद का कमिश्नर बना दो। आयोग के अध्यक्ष को जेल भेज दूंगा।’ मंगलवार को प्रतियोगियों और छात्रों के मंच पर पहुंचे प्रमुख सचिव (सार्वजनिक उद्यम) सूर्य प्रताप सिंह ने भर्तियों में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा बेईमान तंत्र के खिलाफ संस्था प्रमुखों पर सीधा हमला बोला। एक  जाति के लोगों को तवज्जो दिए जाने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ भी उनके बोल काफी तीखे रहे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से ‘भर्तियों में भ्रष्टाचार : युवाओं का भविष्य’ मुद्दे पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में हुई गोष्ठी में प्रमुख सचिव के अलावा इलाहाबाद के पूर्व मंडलायुक्त बादल चटर्जी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र, डॉ.एके सिंह समेत कई प्रमुख लोग पहुंचे और छात्रों की लड़ाई को हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया।
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सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि  लड़ाई उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से नहीं, अध्यक्ष अनिल यादव के खिलाफ है। साक्ष्य और फैसले बताते हैं कि आयोग में भ्रष्टाचार चल रहा है। इन संस्थाओं में भ्रष्ट, अयोग्य और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग काबिज हैं। उनसे उम्मीद नहीं की जा सकता है। उन्होंने कहा कि  आयोग के अध्यक्ष को जाना तो पड़ेगा। आज नहीं तो कल उनके आका के जाने के बाद। अध्यक्ष और भर्तियों की जांच भी तय है। कहा कि  यदि धारा 107-16 में छात्रों को जेल भेजा जा सकता है तो इस पूरे फसाद की जड़ आयोग के अध्यक्ष को क्यों नहीं। कौन से कानून में लिखा है कि अध्यक्ष को जेल भेजने के लिए पूर्व में अनुमति लेनी होगी।

प्रमुख सचिव ने कहा कि बैकवर्ड में और भी जातियां हैं लेकिन एक ही जाति के लोग सफल हो रहे हैं। नौकरियों में उनकी भागीदारी 11.70 फीसदी है। कौन सा मैकेनिजम है जो एक ही जाति के लोग सफल हो रहे हैं। कहा कि  2012 में मुसलिमों को 18.50 आरक्षण का एक बिल बनाया गया। यह नहीं चलेगा। उन्हाेंने आईएएस, पीसीएस में चयनित अफसरों से अपील की कि नेताओं की चाटुकारिता छोड़ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने अभिभावकों, आम लोगों, महिलाओं से भी इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की। आंदोलन की अगुवाई करने वाले प्रतियोगियों से भी कहा कि  भक्ति, युक्ति और शक्ति को हथियार बना वे सभी को जोड़ें। अभी वह एकता नहीं दिखाई दे  रही है। जिस दिन पूरे प्रदेश में लोग खड़े हो जाएंगे उसी दिन डॉ.अनिल यादव चले जाएंगे।
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पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी ने कहा कि एक जाति को भरकर सरकार 2017 विधानसभा की तैयारी में है जिससे कि बूथ कब्जा में उनकी मदद ली जा सके। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन को लीड करने के लिए तैयार हैं। छात्राें की यह लड़ाई जंतर-मंतर तक लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह एडवोकेट भी हैं। वह छात्राें की लड़ाई के लिए कोर्ट में भी खड़े होंगे। अफसरों से भी अपील की कि नेताओं के सामने दरबार लगाना छोड़ें। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शीतला प्रसाद ने भी छात्रों की हर कानूनी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। डॉ.एके सिंह ने कहा कि आयोग अध्यक्ष सिर्फ चोरी नहीं सीनाजोरी भी कर रहे हैं। युवा चोरी तो बर्दाश्त कर लेगा लेकिन सीनाजोरी नहीं। गोष्ठी को डॉ.राजेश सिंह आदि ने भी संबोधित किया। प्रतियोगी अमित सिंह राणा, अशोक पांडेय ने भर्तियों में भ्रष्टाचार तथा आंदोलनरत छात्रों पर हो रहे उत्पीड़न की कार्रवाई पर बिंदुवार चर्चा की। समिति के अवनीश पांडेय, अयोध्या सिंह ने स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन जय हिन्द फाउंडेशन के राजीव ने किया। गोष्ठी में व्यापारी, बड़ी संख्या में छात्र तथा अलग-अलग वर्ग के लोग पहुंचे थे।जिम्मेदार हैं। ट्रंासफर के लिए मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव का हस्ताक्षर होता है। वे नहीं करें तो कैसे इतनी जल्दी-जल्दी तबादले हों। अफसरों को नेताओं के पीछे-पीछे घूमना छोड़ना होगा।
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