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प्रतियोगियों के मंच पर जुटे हर क्षेत्र के दिग्गज

Mon, 21 Sep 2015 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा अन्य संस्थाओं की भर्तियों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई व्यापक हो गई है। प्रतियोगियों के मंच पर रविवार को शिक्षाविदों, वकीलों, अफसरों, व्यापारियाें, नेताओं समेत हर वर्ग के दिग्गज पहुंचे और उनकी इस लड़ाई में हर स्तर पर साथ देने की घोषणा की। उन्होंने भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए आयोग के अध्यक्ष डॉ.अनिल यादव के साथ प्रदेश सरकार को भी उखाड़ फेंकने की अपील की। वक्ताओं ने डॉ.अनिल यादव, यादव सिंह, लोकायुक्त की नियुक्ति आदि का हवाला देते हुए सपा सरकार पर सीधे हमला बोला। वक्ताओं ने आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच तथा डॉ. अनिल यादव को जेल भेजने की मांग की। साथ ही प्रतियोगियों से अहिंसात्मक आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील की।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से आयोग तथा अन्य संस्थाओं की भर्तियों की भ्रष्टाचार विषय पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसी बनर्जी हॉस्टल में आयोजित गोष्ठी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरपी मिश्रा, आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, पीसीएस संघ के अध्यक्ष रहे बाबा हरदेव सिंह, पूर्व मंडलायुक्त बादल चटर्जी, सपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा के पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, रामनरेश त्रिपाठी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश नारायण शर्मा, राकेश पांडेय, व्यापारी नेता विजय अरोडा़, अन्ना टीम के सक्रिय सदस्य राजेंद्र सिंह, समाजसेवी मीरा नायर समेत अनेक लोग शामिल हुए। प्रोफेसर आरपी मिश्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार को चुप होकर सहना भी भ्रष्टाचार है। इसके खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ेगा, लेकिन आंदोलन अहिंसात्मक होना चाहिए। बादल चटर्जी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कैंडल मार्च निकालने वाले युवाओं को सरकार रोकती है। वहीं, शिक्षामित्रों को आंदोलन के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की बात कही।

उमेश नारायण ने कहा कि आयोग अध्यक्ष के लिए जो नाम पहुंचे थे डॉ. अनिल यादव उनमें से आखिरी नंबर पर रहने लायक भी नहीं थे। राकेश पांडेय ने कहा कि जब संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठने लगे तो चिंता होनी चाहिए। दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हर स्तर पर साथ देने का वादा किया। आगरा से आए राजेंद्र सिंह ने कहा कि ‘मैं अनिल यादव को बचपन से जानता हूं। वह गुंडा गैंग से है। वादा करता हूं कि प्रतियोगियों की इस लड़ाई में जरूरत पड़ी तो वह अन्ना हजारे को भी उनके बीच खड़ा करेंगे।’ प्रभाशंकर पांडेय ने प्रतियोगियों की हर लड़ाई में साथ देने का वादा किया। गोष्ठी को राम नरेश त्रिपाठी, अवधेश अग्निहोत्री, मीरा नायर आदि ने भी संबोधित किया। डॉ.राजेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन अमित सिंह राणा, अक्षय भट्ट ने किया। आयोजन में समिति के अध्यक्ष अयोध्या सिंह, मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय, अशोक पांडेय, चंदन सिंह, विक्की खान आदि का योगदान रहा। गोष्ठी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सर्वम द्विवेदी, कांग्रेस के अभिषेक शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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