वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट में व्यापारियों और मध्यम आय वर्ग को किसी तरह की राहत देने के बजाए सर्विस टैक्स में इजाफा करके बड़ा झटका दे दिया है। अकेले सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी का असर सभी वर्ग के लोगों पर पडे़गा। इसकी वजह से खाने-पीने की वस्तुएं, कपड़ा, सिनेमा, केबिल टीवी, बैैंकिंग सेवा, ट्रेन-हवाई सफर, मोबाइल बिल, अस्पताल में इलाज, स्कूल फीस आदि हर चीज महंगी हो जाएगी। व्यापारियों में इसे लेकर नाराजगी है। हालांकि दाल के बफर स्टॉक, कंपनी के रजिस्ट्रेशन की सरल प्रक्रिया, आयकर से जुड़े दस लाख तक के विवादित मामलों में अर्थदंड न लगाने जैसे कदम उठाने पर व्यापारियों ने कुछ खुशी जताई है।
‘बजट में आम आदमी को राहत देने के बजाए सर्विस टैक्स में इजाफा करने से हर चीज महंगी होगी। सरकार एक तरफ कह रही है कि लोगों की आय में इजाफा हुआ है लेकिन आयकर छूट की सीमा न बढ़ाकर आम लोगों के साथ धोखा किया है।’ विजय अरोरा
‘कंपनी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल करके अरुण जेटली ने बड़ी राहत दी है। अभी तक इसमें काम में महीनों लग जाते थे लेकिन अब एक दिन में रजिस्ट्रेशन होने पर कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे।’ संतोष पनामा
‘दो करोड़ रुपये तक सालना टर्नओवर वाले व्यापारियों को खाता बही न रखने की शर्त के साथ आठ फीसदी प्रॉफिट दिखाना अनिवार्य करने से फायदा होगा। अभी तक यह सीमा एक करोड़ रुपये सालाना थी।’ गया प्रसाद केसरवानी
‘आयकर से जुड़े दस लाख तक के विवादित मामलों में अर्थदंड की कार्रवाई न करने के फैसले से फायदा होगा। इससे ऊपर के मामलों में 25 प्रतिशत अर्थदंड होगा। सरकार का यह निर्णय व्यापारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।’ श्यामजी अग्रवाल
‘सातवें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद खर्च बढ़ेगा। इसका असर सीधे व्यापारियों पर पड़ेगा, क्योंकि इस खर्च को बराबर करने के लिए टैक्स में इजाफा होगा, जिसकी भरपाई व्यापारियों को ही करनी होगी।’ सुमित अग्रवाल
‘अरहर, चना समेत अन्य तरह की दालों की कीमतों में पिछले कुछ माह में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई। इस पर लगाम लगाने के लिए दाल का बफर स्टॉक रखने का फैसला महत्वपूर्ण है। इससे दाल की कीमतें नियंत्रित होगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।’ केके अग्रवाल