चयन के दो वर्ष बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर नाराज चयनित शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान-गणित विषय के लिए चयनित शिक्षकों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए आदेश की मांग की। सचिव ने चयनित शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा के साथ 24 जून को बैठक है, इसमें नियुक्ति पत्र जारी करने की तिथि पर फैसला होने की उम्मीद है। इसके बाद ही वह उनके बारे में सही जानकारी दे सकते हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती शुरू से ही विवादों के घेरे में रही है। पद की घोषणा के साथ ही इसको लेकर अभ्यर्थी लड़ाई लड़ते रहे हैं। लंबी लड़ाई के बाद चयन और कोर्ट की अड़चन दूर होने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया। प्रदेश के कोने-कोने से चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में चयनित शिक्षक सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंच गए।
कई चयनित शिक्षक तो सचिव के सामने अपनी बात रखते-रखते भावुक हो उठे, उन्होंने कैरियर की दुहाई देते हुए कहा कि उनके सभी प्रमाण पत्र बेसिक शिक्षा विभाग के पास जमा हैं। ऐसे में वह किसी नौकरी के लिए दावा भी नहीं कर पा रहे हैं। कुछ चयनित शिक्षकों ने कहा कि 29 जून से उनकी पीसीएस की परीक्षा है, ऐसे में इस आंदोलन के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने छात्रों से सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वह 24 जून को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा के साथ होने वाली बैठक में उनकी नियुक्ति की बात को मजबूती से रखेंगे। धरना-प्रदर्शन के सीओ सिविल लाइंस सचिन्द्र पटेल एवं बड़ी संख्या में पुलिस शिक्षा निदेशालय में मौजूद रहे।
शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन को पहुंचे चयनित शिक्षकों को एक बारगी देखने पर लगा कि वह किसी ट्रेड यूनियन के हैं। पास पहुंचने पर पता चला कि यह विज्ञान-गणित के लिए चयनित शिक्षक हैं, जिन्होंने प्रदेश में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी की टोपी लगा रखी है। बातचीत के दौरान धरने पर बैठे चयनित शिक्षकों ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए यह रणनीति अपनाई गई। चयनित शिक्षकों की ओर से सपा की लाल टोपी लगाने पर सीओ सिविल लाइंस सचिन्द्र पटेल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।