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गृहकर बढ़ाकर मुश्किल में पड़ा नगर निगम

Mon, 29 Feb 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने व्यावसायिक भवनों के टैक्स में बढ़ोतरी तो कर दी, लेकिन इसके खिलाफ लगातार बढ़ रहे विरोध को लेकर निगम प्रशासन अब मुश्किल में पड़ गया है। प्रदेश में इलाहाबाद पहला नगर निगम है, जिससे संशोधित संपत्ति कर अधिनियम लागू किया है। इसमें व्यावसायिक भवनों के टैक्स में पांच से छह गुना तक बढ़ोतरी हुई है। भाजपा पार्षद और कई संगठन इसका पहले से विरोध कर रहे हैं। अब इलाहाबाद के बड़े व्यापारिक संगठन प्रयाग व्यापार मंडल ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को व्यापार मंडल की बैठक में बढ़े टैक्स के विरोध में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इसकी शुरुआत चार मार्च को नगर निगम के घेराव से होगी। इसके पहले नेता, व्यापारी, अधिवक्ता, डॉक्टर समेत विभिन्न संगठनों के लोग जुलूस निकालेंगे।
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दरभंगा में हुई व्यापार मंडल की बैठक में सांसद श्यामा चरण गुप्त ने व्यापारियों का आह्वान किया कि सोमवार से नगर निगम के सभी टैक्सों का भुगतान रोक दें। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्ण ओझा भी इस वृद्धि के खिलाफ हैं। विधायक पूजा पाल ने इस मामले में विधानसभा में चर्चा कराने का आश्वासन दिया। पार्षद शिव सेवक सिंह ने कहा कि निगम प्रशासन ने पहली बार पार्षदों को बिना अवगत कराए आदेश पारित कर दिया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे ने आंदोलन में टैक्सी यूनियन एवं कचहरी के अधिवक्ताओं के समर्थन का आश्वासन दिया।

व्यापार मंडल के महामंत्री सुहैल अहमद ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में चार मार्च को सुभाष चौराहा से पैदल मार्च निकालकर नगर निगम का घेराव किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता भोला नाथ तिवारी, संचालन अरुण केसरवानी एवं धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष विजय अरोरा ने किया। इसमें डॉ.अलोक मिश्रा, महमूद अहमद खान, विजय वैश्य, राणा चावला, हाजी मासूक अहमद, विजय मिश्रा, सतीश केसरवानी, अनीता जायसवाल, सरोज साहू, उमेश केसरवानी, गणेश केसरवानी, अवधेश गुप्ता, चंद्रभूषण सिंह, संजय गुप्ता, कमलेश सिंह, अखिलेश सिंह, राजीव नैयर आदि बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के लोग शामिल थे।
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प्रयाग व्यापार मंडल की बैठक में सांसद श्यामा चरण गुप्त की बढ़ा गृहकर न जमा करने की अपील कहीं शहर के नागरिकों पर भारी न पड़ जाए। बढ़ा टैक्स कम होगा या नहीं, यह फिलहाल अभी तय नहीं है। उधर, वित्तीय वर्ष खत्म होने में अब एक माह शेष है। इस अवधि में टैक्स न जमा किया तो ब्याज लग जाएगा। इसकी भरपाई कौन करेगा, इसका जवाब शायद सांसद के पास नहीं है।

नगर निगम संपत्ति कर अधिनियम में फिर से संशोधन की उम्मीद बंधी है। इस अधिनियम में हुए संशोधन को ही नगर निगम ने लागू किया है, जिसके बाद व्यावसायिक भवनों का टैक्स आवासीय के मुकाबले पांच-छह गुना तक बढ़ गया। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने इस संबंध में शनिवार को सचिव नगर विकास एसपी सिंह से फोन पर वार्ता। महापौर के मुताबिक सचिव ने इस संबंध में पत्र भेजने को कहा है, ताकि शासन स्तर पर अधिनियम में संशोधन कराया जा सके।
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