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संक्रमण काल में बढ़ेंगी संक्रामक बीमारियां

Mon, 29 Feb 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। आम तौर पर फरवरी में रहने वाली हल्की ठंड गायब होने से इस बार गर्मी अभी से लोगों को अपनी गिरफ्त लेने लगी है। तापमान और नमी में हो रहे रोज के उठापटक से लोगों में वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हर घर में कोई न कोई जुकाम, बुखार, खांसी, उल्टी, जी मिचलाना जैसी सामान्य बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। डॉक्टर कह रहे हैं यह संक्रमण काल का दौर है। इस मौसम में ऐसी बीमारियों का फैलना तय है। इसके अलावा मच्छरों ने भी प्रकोप फैला दिया है।
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की डॉ. अनुभा श्रीवास्तव कहते हैं कि ऐसे मौसम में एलर्जिक क्रियाएं बहुत होती हैं। इसके अलावा वायरस भी तेजी से पनप रहे हैं, जिसकी चपेट में आकर लोग जुकाम, बुखार, खांसी, जकड़न, गले में खराश जैसी परेशानियां हो रही हैं। लोगों को निमोनिया हो रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में ऐसे मरीजों की भीड़ लगी हुई है। 80 फीसदी मरीज इन्हीं बीमारियों के हैं।

आयुर्वेदाचार्य डॉ. एसके राय कहते हैं कि संक्रमण काल में गले में कफ बनना, उल्टी करने का मन करना, जी मचलाना जैसी क्रियाएं हो रही हैं। ओपीडी में भी मरीज इसके लगातार आ रहे हैं। क्रानिक बीमारियां जैसे अस्थमा, डायबिटीज, पहले से हार्ट अटैक के शिकार मरीजों में अटैक का खतरा बढ़ गया है। ऐसे मौसम में क्रानिक मरीजों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। संक्रमण काल में मच्छरों ने भी अपना प्रकोप फैला दिया है। ओपीडी में इसके भी तीन-चार मामले पहुंच रहे हैं। डॉ. राय कहते हैं कि ऐसे मौसम में बेसन का उबटन लगाना, दशमूलारिष्ट जैसी चीजों का इस्तेमाल करना बेहतर होगा। गन्ने का रस भी फायदेमंद है।
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