रेल बजट को लेकर आम शहरियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। ज्यादातर लोगों ने बजट की सराहना की है। लोगों ने यात्री किराया और मालभाड़े में रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा किसी भी तरह की वृद्धि न किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि एडवांस रिजर्वेशन की मियाद 120 दिन की बजाय 60 दिन न किए जाने से लोग निराश है। लोगों का कहना है कि रेलमंत्री को एडवांस रिजर्वेशन की मियाद 120 दिन से कम करने की घोषणा करनी चाहिए थी।
रेल बजट को लेकर केंद्र सरकार के बजट सलाहकार डॉ. पवन जायसवाल ने कहा है कि बजट में भारतीय रेल की ठोस बुनियाद एवं निर्माण का सफल प्रयास किया गया है। आधारभूत संरचना को बेहतर बनाना, क्वालिटी यात्रा, स्टेशनों का कायाकल्प, क्षमता का पूर्ण विकास तथा तकनीकी विकास पर जोर देकर रेलवे के बेहतर प्रबंधक एवं पारदर्शिता आम यात्री को आराम से पहुंचाने का प्रयास है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह बजट स्पीड, स्केल, सेफ्टी, सिक्योरिटी एवं स्टार्टअप मानकों पर खरा उतरता है।
वरिष्ठ नागरिक आरएन गुप्ता ने छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं की जननी सेवा शुरू करने के फैसले की सराहना की है। छात्रा मनीषा ने रेल यात्रियों के लिए बुकिंग के समय वैकल्पिक यात्रा बीमा उपलब्ध कराने के प्रयास का स्वागत किया है। कारोबारी विक्की और जाकिर ने मालभाड़े में किसी भी तरह की वृद्धि न किए जाने के फैसले को अच्छा कदम बताया है। इसी तरह प्रतियोगी छात्र सुमित जायसवाल और पुष्कर ने दिल्ली, मुंबई दुरंतो को नियमित न किये जाने के फैसले पर हैरानी जताई है। इन छात्रों ने रेलमंत्री से मांग की है कि वे जल्द ही इन दोनों ट्रेनों को नियमित करें। साथ ही जम्मू के लिए भी सीधी ट्रेन की शुरूआत करें। मेजा के श्याम लाल यादव ने इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों को रेलवे समय पर चलाए।