इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रा के साथ छेड़खानी करने तथा थप्पड़ मारने वाले छात्र को निष्कासित कर दिया गया है। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू की संस्तुति के बाद बुधवार को एमए संस्कृत प्रथम वर्ष के छात्र अरिमर्दन सिंह पाल के निष्कासन का आदेश जारी कर दिया गया। आरोपी छात्र सपा के वरिष्ठ नेता का पुत्र है।
आरोपी छात्र ने मनोविज्ञान विभाग के सामने एमए प्रथम वर्ष की ही छात्रा का हाथ पकड़ लिया था। हालांकि छात्रा दूसरे विषय से परास्नातक कर रही है। विरोध पर गाली-गलौज के साथ उसने छात्रा कई थप्पड़ भी जड़ दिए। सुरक्षा कर्मियाें और अन्य छात्रों ने उसे पकड़ कर चीफ प्रॉक्टर के हवाले कर दिया था। छात्रा का यह भी आरोप था कि वह उसका कई दिनों से पीछा कर रहा था। छात्र ने भी आरोप स्वीकार कर लिए थे। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने तथा उसकी स्वीकारोक्ति पर छात्र अरिमर्दन सिंह पाल को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के दाखिले पर भी सवाल उठने लगा है। अध्यक्ष पद के चुनाव में महज 11 मतों से पीछे रह गए रजनीश सिंह ऋषू ने ऋचा के प्रवेश को गलत बताते हुए कुलपति से शिकायत की है। ऋषू की शिकायत पर कुपलति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने जांच बैठा दी है। जांच डीन आर्ट्स प्रोफेसर ए.सत्यनारायण को सौंपी गई है।
इसके अलावा कुलपति के ओएसडी अमित सिंह ने भी ऋचा को कानूनी नोटिस भेजा है। ऋचा ने अमित पर छेड़खानी समेत कई गंभीर आरोपों में मुकदमा होने का आरोप लगाते हुए नियुक्ति को चुनौती दी थी। ऋचा ने इसकी शिकायत कुलपति के अलावा मानव संसाधन मंत्री से भी की थी। इस पर कानूनी नोटिस भेजते हुए अमित ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। साथ में छात्रसंघ अध्यक्ष से 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक तौर पर मांफी मांगने तथा शिकायत वापस लेने की मांग की है। माफी नहीं मांगने पर अमित ने अवमानना के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी।