यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया पर बोर्ड की चेतावनी का कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। बोर्ड की ओर से तय सचल दस्ते और अधिकारियों की ओर से परीक्षा निरस्त करने एवं केंद्र को काली सूची में डालने की कार्रवाई किए जाने के बाद भी केंद्र व्यवस्थापक एवं कक्ष निरीक्षक नकल से बाज नहीं आ रहे हैं। नकल पर अंकुश नहीं लगाने वाले विद्यालयों को बोर्ड की ओर से कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पांच दिन की परीक्षा में बोर्ड के अधिकारियों ने लगभग 10 विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ केंद्र व्यवस्थापकों पर करवाई की है। लगातार कार्रवाई के बाद भी केंद्र व्यवस्थापक नकल कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक परीक्षा केंद्र के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ उसे डिबार करने की संस्तुति की थी। पहले दिन नकल के बाद भी 19,20 एवं 23 फरवरी को भी इन परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल हुई।
डीआईओएस ने पहले दिन लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज धरवारा की परीक्षा निरस्त की तथा एसोसिएट डीआईओएस गोविंदराम ने गंगापार के बच्चाराम यादव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पर कार्रवाई की। इसके बाद भी इस परीक्षा केंद्र पर लगातार नकल की शिकायत मिल रही है। यही हाल सिरसा के लाला रामलाल अग्रवाल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर मिली।
पहली पाली में एसोसिएट डीआईओएस के कार्रवाई करने के बाद भी दूसरी पाली में इस केंद्र पर जमकर नकल हुई, निरीक्षण के दौरान डीआईओएस कोमल यादव ने इस केेंद्र की परीक्षा निरस्त कर दी। इन केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराने की संस्तुति भी की है। इसके बावजूद इन परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापक नकल कराने और वसूली से बाज नहीं आ रहे। डिबार केंद्रों के इस रवैये पर बोर्ड के अधिकारियों ने इन विद्यालयों की मान्यता निलंबित करने की चेतावनी दी है।