महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के छात्रों के लिए बुधवार का दिन कुछ खास था। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ छात्रों को पुलिस के बारे में बनी नकारात्मक सोच दूर करने के लिए आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में आईजी (बजट) पुलिस मुख्यालय डीके ठाकुर ने छात्रों को कानून का पाठ पढ़ाया।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वह पुलिस के बारे में बनी नकरात्मक इमेज को पीछे छोड़, समाज उसकी सकारात्मक भूमिका को रेखांकित करें। छात्रों के बीच वह एक शिक्षक की भूमिका में उतरते हुए आईजी डीके ठाकुर ने उन्हें कैरियर के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी देने के साथ बताया कि किस प्रकार से पुलिस विभाग में आईपीएस, पीपीएस सहित अन्य सेवाओं में आकर देश की सेवा कर सकते हैं।
उन्होंने पुलिस की कार्यशैली के बारे में बताते हुए यह स्वीकार किया कि उन्हें बड़े दबाव के बीच काम करना पड़ता है। पुलिस पर राजनेताओं का पूरा दबाव रहता है, उनके मनमाफिक काम नहीं करने पर तबादला सहित दूर-दराज रिमोट एरिया में भेजकर दंडित किया जाता है। उन्होंने बच्चों के सवाल पर बताया कि पुलिस की आम जनमानस में नकारात्मक छवि बनी है कि वह घूस लेती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार आज समाज के हर क्षेत्र में पैठ बना चुका है, इसलिए बच्चों को चाहिए कि वह इस बुराई को दूर करें।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीके ठाकुर ने छात्रों से कहा कि पुलिस से डरने की आश्वयकता नहीं है, पुलिस आपकी मदद के लिए है। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में पुलिस बल हर समय मदद के लिए आपके पास नहीं पहुंच सकती, इसके लिए हर नागरिक को आगे बढ़कर पुलिस की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही पुलिस सफल हो सकती है।
सदाचार एवं कानून व्यवस्था के शिक्षक के रूप में छात्रों के बीच उतरे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीके ठाकुर ने बच्चों से बचपन से ही नियमों के पालन करने आदत डालने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे वह समाज को सही राह दिखा सकेंगे। उन्होंने छात्रों से यातायात के नियमों को बढ़ चढ़कर पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें समाज में कहीं भी कुछ गलत दिखाई पड़ता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। छात्रों को सलाह दी कि यदि आपके सामने कुछ गलत हो रहा है तो उसे रोकें।
पुलिस का सहयोग भी कानून का अनुपालन करना है। उन्होंने कहा कि लोग पढ़े-लिखे हैं, इसलिए कानून व्यवस्था के पालन में उनका पुलिस को अधिक सहयोग मिल रहा है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने अतिथि का स्वागत करने के साथ ‘अमर उजाला’ की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों से स्वअनुशासन को जीवन में उतारने की सीख दी। उन्होंने कहा कि बच्चे सकारात्मक पहल के जरिए पुलिस की मदद कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि ऐसा कुछ न करें, जिससे समाज में किसी व्यक्ति को पीड़ा पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों को पुलिस की पाठशाला में उठाई गई बातों को जीवन में उतारने की सलाह दी। अंत में उन्होंने सभी का धन्यवाद किया।
आईजी पुलिस मुख्यालय डीके ठाकुर ने छात्रों को बताया कि आज के दौर में पुलिस को अपराधियों तक तत्काल पहुंचने केलिए नई तकनीक की जरूरत है। सरकार की ओर से पुलिस विभाग को नए-नए उपकरण खरीदने के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रों ने उनसे सवाल किया कि आखिर में विदेशों जिस प्रकार से एक गलती पर वाहन का चालान हो जाता है, उसी तरह अपने देश में पुलिस गलती करने वालों को क्यों नहीं पकड़ लेती। आईजी की ओर से हर छात्र-छात्रा के सवालों का जवाब बड़ी तन्मयता और उत्साह से देने के बाद उन्होंने सवाल-जवाब में उत्साह दिखाया।
- राह चलते सड़क पर वाहन का हार्न बजाने से बचें
- नशीले पदार्थ के सेवन करने वालों से दूर रहें, इसकी जानकारी पुलिस को दें
- ट्रैफिक नियमों का पालन करें, इससे व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।
- राह चलते यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़ता है तो तत्काल इसकी जानकारी 100 नंबर पर दें।