माघ मेला में कल्पवास कर रहे लाखों कल्पवासी माघी पूर्णिमा का स्नान कर संगम की रेती से विदा हो जाएंगे। इस दिनों कल्पवासी सत्यनारायण कथा, भंडारा, दान आदि में व्यस्त हैं। श्रद्धालु वापसी की तैयारी के साथ ही बांटने के लिए प्रसाद की खरीददारी भी कर रहे हैं।
पौष पूर्णिमा को संगम की रेती पर कल्पवास करने आए श्रद्धालुओं के शिविरों में अनुष्ठान पूजा के साथ भंडारा हो रहा है। शुक्रवार को त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में कल्पवास कर रहे शैलेश ने शिविर में विशेष पूजा अनुष्ठान किया। सत्यनारायण की कथा शंकर स्वरूप ब्रह्मचारी की देखरेख में सुनी। गंगा तट पर भगवान विष्णु का पूजन किया। खाक चौक स्थित महामंडलेश्वर कपिलदेव दास नागा के शिविर में कल्पवास कर रहे सत्यनारायण मिश्रा, रामलखन, पठानकोट के अशोक पुरी, रामकुमार अग्रवाल आदि कल्पवास के अनुष्ठान पूरे करने में व्यस्त हैं।
मोरी मार्ग स्थित तीर्थपुरोहित राजेंद्र पालीवाल के शिविर में कल्पवास कर रहे प्रकाश कुमारी, शीला देवी, बुद्धि देवी , ज्ञान देवी श्रीकांत पांडेय तीर्थपुरोहित की देखरेख में कल्पवास के अनुष्ठान पूरे कर रहे हैं।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम के शिविर में कल्पवास कर रहे सैकड़ों कल्पवासी सत्यनारायण की कथा सुनने के बाद वापसी की तैयारी में व्यस्त रहे।