Allahabad Medical Association Auditoriam
- फोटो : CITY DESK
आईएचओ की संगोष्ठी में बताए बचाव के उपाय
विशेषज्ञ बोले, होम्योपैथिक दवाएं मधुमेह में प्रभावी
प्रयागराज। मधुमेह संक्रामक रोग नहीं बल्कि अनियमित दिनचर्या का परिणाम है। यह आनुवांशिक कारण से भी होता है। भोजन तालिका और जीवनशैली में बदलाव कर आसानी से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है।
यह बातें एमएलएन मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुभा श्रीवास्तव ने कहीं। वह रविवार का इंडियन होम्योपैथिक एसोसिएशन (आईएचओ) की वैज्ञानिक संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बताया कि मधुमेह अंधता का एक कारण है, उचित परहेज और दवाओं से इससे बचा जा सकता है। उन्होंने मधुमेह से बचाव के उपाय भी बताए। संस्था सचिव डॉ. अजय श्रीवास्तव ने मधुमेह को कई रोगों का कारक बताया। उन्होंने कहा कि शरीर भारी है, महिला ने चार किलो से ज्यादा वजन का बच्चा जना और नियमित व्यायाम न करने वाले मधुमेह की जांच जरूर कराएं।
आईएचओ के अध्यक्ष रमनजी श्रीवास्तव ने दावा किया कि मधुमेह में होम्योपैथिक दवाएं प्रभावी हैं। इसकी दवा लक्षण के साथ जांच रिपोर्ट के आधार पर दी जाती है। कोषाध्यक्ष डॉ. गौरव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर डॉ. अर्पणधर दुबे, डॉ. राजेश, डॉ. एसके शुक्ला, डॉ. कुदरत, डॉ. एसएन मिश्रा समेत बड़ी संख्या में होम्योपैथिक चिकित्सक मौजूद रहे।
Allahabad Medical Association Auditoriam- फोटो : CITY DESK