बारा/लालापुर/नैनी (इलाहाबाद)। खनन माफिया ने पैसे कमाने के लिए सभी हदें पार कर दीं। फतेहपुर में यमुना पर बांध बनाकर नदी का प्रवाह रोकने को लेकर पूरे प्रदेश में हायतौबा मची है और इलाहाबाद पर किसी की नजर नहीं पड़ी जबकि यहां भी बारा तहसील में खनन माफिया ने यमुना पर बांध बना डाला और अफसर मामले में कार्रवाई की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। बांध बनाने के बाद घाटों पर माफिया का कब्जा हो चुका है और यमुना में अवैध रूप से बालू निकालने का काम दिन-रात जारी है। हालांकि अवैध खनन के मामले में हुई सख्त कार्रवाई के बाद अब बांध को तोड़ने का काम शुरू हो गया है।
बारा तहसील के लालापुर इलाके में यमुना घाटों पर खनन माफिया का कब्जा बना हुआ है। सेमरी सहित कई घाटों पर माफिया ने नदी पव बांध बनाकर यमुना के प्रवाह को रोकते हुए जलधारा को दूसरी तरफ मोड़ दिया है। बांध इतना लंबा है कि माफिया उसका इस्तेमाल पुल की तरह कर रहे हैं। बांध बनाने के बाद माफिया के लिए खनन का काम और आसान हो गया है। प्रवाह की दिशा बदलने के बाद वहां बालू का खनन कई गुना अधिक हो रहा है, जो न तो यमुना की सेहत के लिए अच्छा है और न ही आसपास स्थित गांवों के लिए ठीक है।
हैरत की बात यह कि ग्रामीणों ने माह भर पहले तहसील और पुलिस प्रशासन से इसकी शिकायत भी की लेकिन अफसर कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा सके। हालांकि अवैध खनन को लेकर कमिश्नर और फतेहपुर के डीएम पर हुई कार्रवाई के बाद शुक्रवार को खनन माफिया बांध को हटाने में लगे रहे। इसी तरह लालापुर और घूरपुर थाना क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में यमुना घाटों पर अवैध तरीके से बालू के खनन और उसकी सप्लाई का गोरखधंधा खुलेआम जारी है। इसके अलावा सेमरी से कंजासा तक 20 किलोमीटर के दायरे में कुल 90 एकड़ के महज दो पट्टे जारी हैं लेकिन बालू का खनन 20 किलोमीटर की दूरी तक दर्जनों घाटों में अवैध रूप से किया जा रहा है।
यमुनापार में नदी के तट पर नौढ़िया, तरहार, बीकर, बीरवल, लालापुर, कंजासा हित तमाम घाटों पर अवैध खनन का काम खुलेआम चल रहा है। लालापुर में बालू निकासी के लिए केवल तीन लोगों के नाम से पट्टा है लेकिन खनन आसपास के गांवों भी हो रहा है। लालापुर से घूरपुर तक 39 किलोमीटर के बीच अवैध खनन के लिए दो दर्जन से घाटों पर माफिया ने कब्जा कर रखा है। इस बारे में स्थानीय प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है लेकिन इसमें कई सफेदपोशों के शामिल होने के कारण कार्रवाई करने के लिए कोई भी फ हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। इन घाटों से रोजाना लाखों रुपये की बालू निकाली जा रही है, जिसमें कुछ अफसरों का हिस्सा भी शामिल है।
कोंहड़ार के टौंस नदी में जेसीबी मशीन से अवैध खनन का काम खुलेआम चल रहा है। टोंस के तट इतनी अधिक बालू निकाली जा चुकी है, घाट के आसपास इकट्ठछा मिट्टी और रेत उड़कर आसपास स्थित एक दर्जन गांवों को प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों को सांस की बीमारी घेरने लगी है। टोंस नदी के किनारे ज्यादातर स्थानों पर अवैध खनन का का जारी है।