Allahabad highcourt order in iert case
आईईआरटी से बैरंग लौटाए गए नौकरी से निकाले गए कर्मचारी
कर्मचारियों का आरोप, संस्थान ने प्रवेश पर भी लगाया गया प्रतिबंध
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी आईईआरटी में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को ज्वाइनिंग नहीं मिली। स्थगन आदेश की प्रति लेकर संस्थान पहुंचे कर्मचारियों को खाली हाथ लौटा दिया गया और आदेश की प्रति रिसीव नहीं की गई। कर्मचारियों का आरोप है कि निदेशक के इशारे पर संस्थान में उनके प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आईईआटी में 24 से 38 वर्ष की सेवा के बाद कर्मचारियों को संस्थान से निकाल दिया गया था। इसके खिलाफ 45 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद तीन अन्य कर्मचारियों ने अलग से याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट में अवकाश होने के बाद अभी उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हुई है जबकि, एक अन्य कर्मचारी ने अभी याचिका दाखिल नहीं की है। कोर्ट ने याचिका दाखिले रने वाले 45 कर्मचारियों को राहत देते हुए स्थगनादेश जारी कर दिया। कर्मचारी एसोसिएशन आईईआरटी के सचिव त्रिभुवन सिंह का आरोप है कि कोर्ट से राहत मिलने के बाद 40 कर्मचारी संस्थान में ज्वाइन करने पहुंचे थे लेकिन संबंधित क्लर्क ने स्थगनादेश की प्रति रिसीव करने से इनकार कर दिया।
यह आरोप भी है कि निदेशक के इशारे पर कर्मचारियों के संस्थान में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के एरियर भुगतार का आदेश भी दिया था लेकिन संस्थान ने भुगतान नहीं किया जबकि मुकदमे पर एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए। संस्थान प्रशासन के इस रवैये से कर्मचारियों में नाराजगी है। इस बारे में संस्थान के निदेशक से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।