हाईकोर्ट ने धार्मिक समारोहों के आयोजन पर लगी रोक को हटाकर मोहर्रम का ताजिया निकालने की अनुमति देने की मांग में दाखिल याचिका पर दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।
निर्णय शनिवार 29 अगस्त को सुनाया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने रोशन खान की याचिका पर दिया है।
याची अधिवक्ता वीएम जैदी, एसएफए नकवी, केके राय का कहना था कि धार्मिक समारोहों पर लगी रोक धार्मिक स्वतंत्रता के मूल अधिकारों का हनन है। सरकार धार्मिक भेदभाव कर रही है। कई त्योहार मनाने की छूट दी गई है और ताजिया निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय का कहना था कि धार्मिक स्वतंत्रता पर कानून व्यवस्था, नैतिकता, लोक स्वास्थ्य को देखते हुए प्रतिबंधित किया जा सकता है।
सरकार ने अगस्त माह में सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगाई है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए धार्मिक कार्यक्रम घरों में रहकर मनाने का अनुरोध किया गया है।