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बार कौंसिल अध्यक्ष का करेंगे बहिष्कार हाईकोर्ट में प्रवेश भी नहीं करने देंगे

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पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच को जरूरी बताकर विवादों में घिरे हरिशंकर सिंह
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने लिया निर्णय, बार कौंसिल अध्यक्ष पर वकीलों को बांटने का आरोप
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट की पश्चिमी बेंच की स्थापना की वकालत कर बार कौंसिल ऑफ यूपी के चेयरमैन हरिशंकर सिंह विवादों में घिर गए हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने रविवार को पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना को जरूरी बताने के यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष के बयान को वकीलों को बांटने वाला और कानूनी तौर से गलत करार हुए उनका बहिष्कार करने का निर्णय लिया। साथ ही हाईकोर्ट में उनके प्रवेश पर पाबंदी लगाने की भी बात कही।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय के आवास पर रविवार को हुई बैठक में यह यह निर्णय लिया गया। यूपी बार कौंसिल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने हाल में ही मेरठ में एक कार्यक्रम में कहा था कि पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच जरूरी है और इसके लिए वह केंद्रीय संघर्ष समिति के वकीलों की वाराणसी में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करा सकते हैं। बैठक में इस बयान की निंदा करते हुए हाईकोर्ट बार के महासचिव जेबी सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति खुद के दायित्व को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय नहीं निकाल पा रहा है, वह दूसरे की मुलाकात क्या करा पाएगा। उन्होंने बार कौंसिल अध्यक्ष के बयान को अनैतिक और गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। बैठक के माध्यम से उनसे पद से इस्तीफा देने की मांग की गई।
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साथ ही प्रदेश के अधिवक्ताओं और विभिन्न जिला अधिवक्ता संघों से अपील की गई है कि यदि वह इस्तीफा नहीं देते तो उनका सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। संयुक्त सचिव प्रियदर्शी त्रिपाठी ने कहा कि हाईकोर्ट के वकील उनका बहिष्कार करेंगे और उनके परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगाएंगे। बैठक में हाईकोर्ट बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र गांधी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र उपाध्याय, श्रीकांत केसरवानी, अजीत यादव, सौरभ तिवारी व विजय सिंह सेंगर, संयुक्त सचिव आशुतोष पांडेय, सर्वेश दुबे व नीलम शुक्ला व कोषाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र उपस्थित थे।
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