इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी बम धमाके में फांसी की सजा पाए आतंकी वलीउल्लाह की सजा के खिलाफ दाखिल अपील मंजूर कर ली है। अपील को मंजूर कर जस्टिस मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निचली अदालत के रिकॉर्ड को तलब किया है। वलीउल्ला को अभी हाल ही में गाजियाबाद ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
आतंकी वलीउल्लाह ने गाजियाबाद जेल प्रशासन के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी। अपील दाखिल कर उसने अपने को निर्दोष साबित करने की कोशिश की है तथा फांसी की सजा को गलत कहा है। सजायाफ्ता वलीउल्लाह इन दिनों गाजियाबाद की डासना जेल में तनहाई में बंद है। वह मूल रूप से प्रयागराज के फूलपुर इलाके का रहने वाला है।
ट्रायल कोर्ट द्वारा फांसी की सजा दिए जाने के बाद वलीउल्लाह से मिलने उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है। यही वजह है कि वलीउल्लाह ने गाजियाबाद कि जेल प्रशासन के जरिए हाईकोर्ट में फांसी की सजा के खिलाफ आपराधिक अपील दाखिल की है।
वाराणसी सीरियल ब्लास्ट मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए वलीउल्लाह को दोषी करार दिया था। गाजियाबाद की अदालत ने वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाई। सात मार्च 2006 को वाराणसी में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। कोर्ट ने वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में विस्फोट व दशाश्वमेध मार्ग पर बम बरामद होने के मामले में वलीउल्लाह को दोषी माना है।