प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार पद पर प्रोन्नति देने संबंधी सूची चार माह से अधिक समय से लटकाए रखने के मामले में जानकारी मांगी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 22 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जटाशंकर मौर्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अशोक कुमार सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि प्रदेश सरकार ने 27 जुलाई 2007 को राजस्व निरीक्षकों की प्रोन्नति की अनंतिम सूची जारी कर आपत्ति मांगी थी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 15 जनवरी 2019 को अंतिम सूची जारी की गई। इसके बाद अंतिम सूची को संशोधित करते हुए 14 मार्च 2019 को फिर से अनंतिम सूची जारी की। सरकार का कहना था कि पूर्व की सूची में लिपकीय त्रुटियां रह गई थीं। इसके बाद से अब तक अंतिम सूची जारी नहीं की गई है, जिसकी वजह से नायब तहसीलदारों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। प्रदेश नायब तहसीलदारों े 556 पद रिक्त हैं जिनको प्रोन्नति से भरा जाना है जबकि सीधी भर्ती वाले पद भी लगभग इतने ही रिक्त हैं। मामले की सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी।