इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 42 साल पुराने हत्या, जानलेवा हमले के दो अभियुक्तों नत्थी और भारत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 42 साल पुराने हत्या, जानलेवा हमले के दो अभियुक्तों नत्थी और भारत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने दिया है।
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आगरा के अचनेरा थाना क्षेत्र में मई 1983 में थान सिंह की हत्या कर दी गई थी और टीकम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में नत्थी, भारत, रघुवीर सिंह और जगराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 1984 में चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अपील लंबित रहने के दौरान दो मुख्य आरोपियों रघुवीर सिंह और जगराम की मौत हो गई। ऐसे में उनकी अपील समाप्त कर दी गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि अभियोजन की कहानी में कई विसंगतिया और विरोधाभास है। गवाहों के बयानों में तालमेल की भी कमी है।