यह था मामला
रामपुर के पुत्तन की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया कि है कि विद्युत कनेक्शन काट दिए जाने के बावजूद उसका बिल लगातार बढ़ता रहा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से उसे 31 लाख, 47 हजार, 773 रुपये बकाए बिल का नोटिस भेज दिया गया। याची ने इसी नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने मामले में पहले अधिशासी अभियंता को रिकॉर्ड के साथ तलब किया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अधिशासी अभियंता को जिम्मेदार ठहराया था।