यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने नव्या केसरवानी व पांच अन्य विधि छात्राओं की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचियों का कहना है कि उन्होंने सर्वे किया और बाजार से एसिड खरीदा। दुकानदार ने कोई लाग रजिस्टर नहीं बनाया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश में एसिड हमले की घटनाओं और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन कर खुलेआम हो रही एसिड की बिक्री पर रोक के उठाए गए कदमों के ब्यौरे के साथ हलफनामा दाखिल करने का अतिरिक्त समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 12 फरवरी नियत की है।
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यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने नव्या केसरवानी व पांच अन्य विधि छात्राओं की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।याचियों का कहना है कि उन्होंने सर्वे किया और बाजार से एसिड खरीदा। दुकानदार ने कोई लाग रजिस्टर नहीं बनाया है। खरीदने वाले का पहचान पत्र व ब्यौरा नहीं लिया। याची अधिवक्ता का कहना था कि लक्ष्मी केस में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
प्रशासन गाइडलाइंस का पालन नहीं करा रहा है। कोर्ट ने विशेष सचिव/डिप्टी सचिव स्तर के अधिकारी का हलफनामा मांगा था। पूछा था कि एसिड की खुले बाजार में बिक्री व एसिड हमला रोकने के क्या कदम उठाए गए हैं। इसका पालन नहीं किया गया। इस पर सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट से आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा।