सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष कहा कि तीन जून शपथ ग्रहण तक याची को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। याची मुजफ्पर का तर्क था कि वह 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कौडि़हार ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्वाचित हुआ था लेकिन आपराधिक मामले में जेल में निरुद्ध होने से शपथ ग्रहण नहीं कर सका।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्षेत्र पंचायत कौडि़हार ब्लॉक के नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फर को शपथ ग्रहण समारोह तक गिरफ्तार न करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मुजफ्फर की याचिका निस्तारित करते हुए दिया है।
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सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष कहा कि तीन जून शपथ ग्रहण तक याची को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। याची मुजफ्पर का तर्क था कि वह 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कौडि़हार ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्वाचित हुआ था लेकिन आपराधिक मामले में जेल में निरुद्ध होने से शपथ ग्रहण नहीं कर सका। लंबित वाद में वह जमानत पर है। 14 अप्रैल को वह डीएम को पत्र देकर पद की शपथ दिलाने का अनुरोध किया।
प्रशासन शपथ नहीं दिलाना चाहता है। इसलिए 28 मई को एससीएसटी एक्ट और आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उसे आशंका है कि शपथ ग्रहण के दौरान उसे हिरासत में ले लिया जाएगा। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता के आश्वासन पर शपथ ग्रहण तक गिरफ्तार न करने का आदेश पारित किया।