इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी बहादुगंज नगर पंचायत अध्यक्ष रियाज अंसारी को तगड़ा झटका दिया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पत्नी निकहत परवीन को शिक्षक बनवाने के मामले में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल याचिका खारिज कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूृर्ति शेखर बी सराफ की खंडपीठ ने दिया है। गाजीपुर जिले की बहादुरगंज नगर पंचायत के अध्यक्ष रियाज अंसारी को पत्नी निकहत के फर्जी सर्टिफिकेट मामले में आपराधिक षडयंत्र रचने का आरोपी बनाया गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने के मामले में रियाज अंसारी की पत्नी मदरसा शिक्षिका निकहत पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने निकहत को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना के दौरान पुलिस को रियाज और कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी।
रियाज अंसारी, मदरसे के तत्कालीन प्रबंधक नजीर अहमद, तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष परवेज जमाल के घरों पर प्रशासन व पुलिस की टीम छापा मार रही है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इन्कार करते उसकी याचिका खारिज कर दी है।