धोखाधड़ी, गबन और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए तीनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने पंकज मेहरोत्रा और विभव मेहरोत्रा की अग्रिम जमानत तो मंजूर कर ली लेकिन चमनगंज थाना क्षेत्र के निवासी मोहम्मद रिजवान की अर्जी खारिज कर दी।
रिजवान के खिलाफ नौ आपराधिक मामलों का इतिहास था, लेकिन याचिका में उसने अपने विरुद्ध किसी भी आपराधिक इतिहास से इन्कार किया था। कोर्ट ने कहा कि याची ने स्वच्छ हाथों से हाईकोर्ट का दरवाजा नही खटखटाया है, कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया है इसलिए वह राहत पाने का हकदार नहीं है। कोर्ट ने रिजवान की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।