बहस की गई कि दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी याची तथा भाई मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस कारण अब उसी केस को लेकर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा चलाना गलत है। याची ने अपने को मोहम्मदाबाद, गाज़ीपुर से पांच बार विधायक चुने जाने. तत्पश्चात सांसद चुने जाने की दलील पेश करते हुए अपने को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। कहा, उसके खिलाफ गैंगस्टर में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
दूसरी तरफ प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने सांसद की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई कोर्ट से बरी होने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल है, जो मंजूर हो गई है। याची अपराधियों के खूंखार गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती आदि के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। गैंग के सदस्यों के खिलाफ कोई गवाही देने के लिए भयवश सामने नहीं आता।
इस गैंग ने अपने इस खौफनाक आपराधिक घटनाओं की वजह से अकूत दौलत कमाई है। गैंग का लीडर मुख्तार अंसारी जेल से ही गैंग को संचालित करता है। यह भी कहा गया कि याची सांसद अफजाल के खिलाफ सात अपराधी केस गैंग चार्ट में शामिल है तथा इसके भाई माफिया मुख्तार के खिलाफ 54 केस गैंग चार्ट में शामिल है।
याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, गैंगस्टर एक्ट का उद्देश्य संगठित अपराध को रोकना है। कोर्ट ने यह भी कहा, अगर यह साबित हो जाता है कि गैंग का कोई सदस्य स्वयं या गैंग के किसी सदस्य के साथ अपने या गैंग के फायदे के लिए अपराध कारित करता है तो उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत दंडित किया जा सकता है।