फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Allahabad High Court : सांसद अफजाल अंसारी की गैंगस्टर केस न चलाने वाली याचिका खारिज

Sat, 14 Jan 2023 12:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार के भाई तथा गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ  गाजीपुर जिला कोर्ट में जारी गैंगस्टर केस की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
विज्ञापन
Prayagraj News : सांसद अफजाल अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया मुख्तार के भाई तथा गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ  गाजीपुर जिला कोर्ट में जारी गैंगस्टर केस की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

 

सांसद अफजाल ने गाजीपुर के स्पेशल जज एमपी/एमएलए कोर्ट की ओर से चार अगस्त 2022 को खारिज उन्मोचन अर्जी तथा 23 सितंबर 2022 को उनके खिलाफ  आरोप तय किए जाने के आदेश को याचिका दाखिल कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए निर्णय दिया कि यदि कोई आरोपी गैंग चार्ट के किसी केस से बरी भी हो जाता है तो भी उसे गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत दंडित किया जा सकता है।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने सांसद अफजाल अंसारी की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के अंतर्गत दाखिल अर्जी को खारिज करते हुए दिया है। याची की ओर से बहस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप गुप्ता का कहना था कि याची के खिलाफ  वर्ष 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में दर्ज प्राथमिकी को लेकर वर्ष 2007 में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 

बहस की गई कि दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी याची तथा भाई मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस कारण अब उसी केस को लेकर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा चलाना गलत है। याची ने अपने को मोहम्मदाबाद, गाज़ीपुर से पांच बार विधायक चुने जाने. तत्पश्चात सांसद चुने जाने की दलील पेश करते हुए अपने को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। कहा, उसके खिलाफ  गैंगस्टर में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

दूसरी तरफ  प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने सांसद की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई कोर्ट से बरी होने के खिलाफ  दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल है, जो मंजूर हो गई है। याची अपराधियों के खूंखार गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती आदि के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। गैंग के सदस्यों के खिलाफ  कोई गवाही देने के लिए भयवश सामने नहीं आता।
विज्ञापन

इस गैंग ने अपने इस खौफनाक आपराधिक घटनाओं की वजह से अकूत दौलत कमाई है। गैंग का लीडर मुख्तार अंसारी जेल से ही गैंग को संचालित करता है। यह भी कहा गया कि याची सांसद अफजाल के खिलाफ  सात अपराधी केस गैंग चार्ट में शामिल है तथा इसके भाई माफिया मुख्तार के खिलाफ  54 केस गैंग चार्ट में शामिल है।

याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, गैंगस्टर एक्ट का उद्देश्य संगठित अपराध को रोकना है। कोर्ट ने यह भी कहा, अगर यह साबित हो जाता है कि गैंग का कोई सदस्य स्वयं या गैंग के किसी सदस्य के साथ अपने या गैंग के फायदे के लिए अपराध कारित करता है तो उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत दंडित किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें