पुलिस और चाइल्ड लाइन की कार्रवाई को बताया उचित
मामला बुलंदशहर का है, जहां पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम 16 वर्षीय नाबालिग मुस्लिम लड़की का निकाह रुकवाने पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान टीम पर हमला किया गया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
अदालत ने कहा कि पुलिस और चाइल्ड लाइन ने संभावित अपराध को रोकने के लिए अपना वैधानिक दायित्व निभाया और उनकी कार्रवाई कानून के अनुरूप थी।
एफआईआर रद्द करने से इनकार
खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा समेत गंभीर अपराधों के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। ऐसे में एफआईआर रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।